सीजी भास्कर, 18 अप्रैल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले रेलवे ने बड़ी तैयारी करते हुए बिलासपुर जोन से 16 स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों को लेकर माना जा रहा है कि यह कदम चुनावी समय में मतदाताओं की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। हालांकि रेलवे ने आधिकारिक रूप से इसे चुनाव से नहीं जोड़ा है, लेकिन ट्रेनों की टाइमिंग (Bengal Election Special Train) इसे खास बना रही है।
बिलासपुर जोन से 16 स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, जिनमें अधिकांश ट्रेनें मतदान से ठीक पहले शुरू होंगी। इससे बाहर राज्यों में काम कर रहे वोटर्स को घर पहुंचने में मदद मिलेगी। जानकारी के अनुसार, कुछ ट्रेनें समर वेकेशन के नाम पर पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जबकि अधिकतर स्पेशल ट्रेनें मतदान से 2 से 4 दिन पहले चलाई जाएंगी। पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होना है, ऐसे में इन ट्रेनों (Bengal Election Special Train) की टाइमिंग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
रेलवे का फोकस इस बार खासतौर पर पश्चिम बंगाल रूट पर है, जहां बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए देश के अन्य हिस्सों में रहते हैं। ऐसे में यह ट्रेनें उनके लिए राहत साबित हो सकती हैं। रेलवे ने उन रूट्स को प्राथमिकता दी है, जहां बंगाल और पूर्वोत्तर के श्रमिक बड़ी संख्या में रहते हैं। इससे चुनावी क्षेत्रों तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
जानिए स्पेशल ट्रेनों का पॉलिटिकल रूट
रेलवे ने उन प्रमुख शहरों और कॉरिडोर को टारगेट किया है, जहां से बड़ी संख्या में बंगाल के मतदाता आते-जाते हैं।
पुणे-एलटीटी-वलसाड रूट : यहां से सांतरागाछी और खड़गपुर के लिए विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं, ताकि महाराष्ट्र और गुजरात में रह रहे लोग आसानी से अपने गृहनगर पहुंच सकें।
दुर्ग-गोंदिया-इतवारी रूट : बिलासपुर जोन की ये ट्रेनें स्थानीय स्तर पर बंगाल जाने वाले यात्रियों के लिए अहम कड़ी बनेंगी।
पटना-रक्सौल कॉरिडोर: इस रूट से मालदा, दिनाजपुर, वीरभूम और हल्दिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी।
यह पूरा नेटवर्क (Bengal Election Special Train) चुनावी दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रद्द ट्रेनें बहाल, नई ट्रेनें भी शुरू
रेलवे ने चुनावी सीजन को देखते हुए पहले रद्द की गई ट्रेनों को भी बहाल कर दिया है। गोंदिया में वॉशेबल एप्रन के काम के कारण शालीमार-एलटीटी एक्सप्रेस को 24 अप्रैल तक रद्द किया गया था, लेकिन चुनाव से पहले इसे फिर से चालू कर दिया गया है। इसके अलावा शालीमार-इतवारी के बीच नई साप्ताहिक ट्रेन भी शुरू की गई है। इससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा (Bengal Election Special Train) मिलेगी।
राइट टाइम चलने लगी ट्रेनें
बिलासपुर जोन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों की टाइमिंग में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। हावड़ा रूट, जो लंबे समय से देरी के लिए जाना जाता था, वहां अब ट्रेनें समय पर चलने लगी हैं। पिछले एक सप्ताह से ट्रेनों का ‘राइट टाइम’ पर संचालन किया जा रहा है, जो यात्रियों के लिए राहत की खबर है। असम में 9 अप्रैल को मतदान हो चुका है, जबकि पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होनी है। ऐसे में रेलवे की यह तैयारी (Bengal Election Special Train) चुनावी माहौल में यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा के रूप में देखी जा रही है।


