सीजी भास्कर , 18 अप्रैल
जिले में संचालित निजी स्कूलों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। गणवेश बदलने, एक ही दुकान से किताबें खरीदने के लिए मजबूर करने और फीस में मनमानी बढ़ोतरी जैसे आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है।
शिकायतों पर सख्त रुख
जिला शिक्षा अधिकारी को विभिन्न माध्यमों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिनमें स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप शामिल हैं। इसे देखते हुए विभाग ने पहले सभी अशासकीय विद्यालयों से प्रतिवेदन मांगा था।
जांच समिति का गठन
प्रतिवेदन मिलने के बाद मामलों की जांच और समाधान के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। इस समिति में जे.पी. पाण्डेय, राजेन्द्र चन्द्राकर, सुनील कश्यप, संदेश पाण्डेय और सुमीत नायडु को शामिल किया गया है।
अभिभावकों और संगठनों को निर्देश
अभिभावकों को अपने साक्ष्य और बयान दर्ज कराने के लिए 20 अप्रैल तक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया है। साथ ही संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों को भी निर्धारित समय पर समिति के समक्ष अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।


