सीजी भास्कर, 01 अक्टूबर। बलरामपुर जिले में महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को AI आधारित काम से जोड़ने की पहल (AI Livelihood) शुरू की गई है। इसके लिए जिला प्रशासन और प्रिज्मा AI के बीच गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
इस समझौते के तहत जिले में कॉग्निटिव डेटा एनोटेशन सेंटर शुरू किया जाएगा। शुरुआती चरण में 10 सीटों वाला पायलट सेंटर बनाया जा रहा है, जहां चयनित युवाओं और महिलाओं को AI और डेटा से जुड़े कामों का प्रशिक्षण मिलेगा।

डेटा लेबलिंग और इमेज टैगिंग की ट्रेनिंग AI Livelihood
सेंटर में पहले AI साक्षरता और डिजिटल कौशल की जानकारी दी जाएगी। इसके बाद डेटा लेबलिंग, इमेज टैगिंग और क्वालिटी रिव्यू जैसे काम सिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को नए डिजिटल रोजगार के लिए तैयार करना है।
प्रिज्मा AI की ओर से सेंटर के लिए तकनीक, प्रशिक्षण, संचालन और इंटरनेट की व्यवस्था की जाएगी। वहीं जिला प्रशासन परिसर उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण के लिए हितग्राहियों के चयन में सहयोग करेगा।
10 सीटों से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के मुताबिक, सेंटर की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की जा रही है। सफल रहने पर आगे इसमें शामिल होने वाले स्थानीय प्रतिभागियों की संख्या बढ़ाई जा सकती है।
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इस पहल के जरिए महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को डिजिटल कौशल के साथ AI आधारित आजीविका के अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
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