सीजी भास्कर, 28 जून। राजधानी रायपुर में एआई से बने धार्मिक वीडियो (AI Religious Video) को लेकर विवाद गहरा गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के एक पेज पर हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े 50 से अधिक कथित आपत्तिजनक वीडियो अपलोड किए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी है।
धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार फेसबुक पेज पर अपलोड किए गए एआई से बने धार्मिक वीडियो (AI Religious Video) में हिंदू देवी-देवताओं से जुड़े भ्रामक और आपत्तिजनक दावे किए गए हैं। आरोप है कि कुछ वीडियो में ईसा मसीह को हिंदू देवी-देवताओं का पिता बताया गया है, जबकि भगवान शिव, भगवान विष्णु और भगवान राम से जुड़े कथित आपत्तिजनक दृश्य भी दिखाए गए हैं। हिंदू संगठनों का कहना है कि इन वीडियो के माध्यम से धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया गया है।
हिंदू संगठनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी सिविल लाइन थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि एआई से बने धार्मिक वीडियो (AI Religious Video) में आधुनिक एआई तकनीक का उपयोग कर देवी-देवताओं को कार्टूननुमा और आपत्तिजनक स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है। संगठनों ने संबंधित वीडियो तत्काल हटाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
साइबर सेल जुटी तकनीकी जांच में
पुलिस के अनुसार मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच साइबर सेल को सौंपी गई है। संबंधित फेसबुक पेज का डिजिटल डेटा सुरक्षित रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तकनीकी जांच के माध्यम से यह पता लगाया जा रहा है कि पेज किसने बनाया, उसका संचालन कौन कर रहा था, वीडियो किस इंटरनेट कनेक्शन और मोबाइल नंबर से अपलोड किए गए तथा इनके पीछे कौन लोग शामिल हैं।
डीपफेक और एआई टूल्स के इस्तेमाल की आशंका
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के एआई से बने धार्मिक वीडियो (AI Religious Video) तैयार करने में डीपफेक और अन्य जनरेटिव एआई टूल्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि जांच एजेंसियां एआई फोरेंसिक तकनीक और उन्नत साइबर विश्लेषण का उपयोग कर वीडियो की वास्तविकता, स्रोत और निर्माताओं की पहचान करें। साथ ही लोगों को एआई के दुरुपयोग और साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की भी आवश्यकता बताई गई है।



