सीजी भास्कर, 16 अगस्त। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कई अहम बातें बताई हैं। उन्होंने कहा कि हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवादियों और उनके मददगारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का स्पष्ट निर्देश दिया था। डोभाल के मुताबिक, प्रधानमंत्री का संदेश था कि हमले के जिम्मेदार लोगों का पीछा किया जाएगा, चाहे वे कहीं भी छिपे हों। (Ajit Doval on Pahalgam Attack)
डोभाल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी उस समय सऊदी अरब के दौरे पर थे, जब पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ। भारत लौटने के बाद एयरपोर्ट पर ही अधिकारियों के साथ उनकी बैठक हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान को लेकर जानकारी मांगी। उन्होंने यह स्पष्ट करने पर जोर दिया कि हमला किसने किया और इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं।
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हमले के जिम्मेदार लोगों की पहचान पर था जोर : Ajit Doval on Pahalgam Attack
डोभाल के अनुसार, भारतीय खुफिया एजेंसियों ने तेजी से काम करते हुए हमले के पीछे जिम्मेदार आतंकवादियों और उनके नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाई। पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले में आतंकवादियों ने आम नागरिकों को निशाना बनाया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी।
इसके बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस अभियान के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। डोभाल ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य उन ठिकानों को नष्ट करना था, जिनका संबंध पहलगाम हमले से था।
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आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी रहने का संकेत
डोभाल ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर को केवल एक सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं माना जाना चाहिए। उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री जब कहते हैं कि अभियान जारी है तो इसका अर्थ आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के लगातार चलने से है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए कार्रवाई करने में किसी सीमा से बंधा नहीं है।
उन्होंने भारतीय खुफिया एजेंसियों की भूमिका की भी सराहना की और कहा कि एजेंसियों ने कम समय में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाकर हमले के जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने में अहम योगदान दिया। पहलगाम हमले के बाद भारत की आतंकवाद विरोधी रणनीति में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण कदम माना गया।




