Ambikapur Statue Controversy : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा के अनावरण को लेकर जबरदस्त हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रस्तावित दौरे और आधिकारिक कार्यक्रम से पहले ही युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने देर रात प्रतिमा का अनावरण कर दिया। इस घटना ने प्रशासनिक अमले और सत्ता पक्ष को हैरान कर दिया है, जिसके बाद शहर का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।
रात के अंधेरे में हुआ ‘अनावरण’
जानकारी के अनुसार, युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए रात के वक्त ही प्रतिमा स्थल पर धावा बोल दिया। उन्होंने न केवल प्रतिमा से ढका हुआ कपड़ा हटाया, बल्कि वहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर जयकारे भी लगाए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले एक ‘शक्ति प्रदर्शन’ के रूप में देखा जा रहा है।
महापौर और नगर निगम की सख्त आपत्ति
आधिकारिक अनावरण से पहले हुई इस गतिविधि पर अंबिकापुर नगर निगम ने कड़ी नाराजगी जताई है। महापौर ने इसे शासकीय कार्य में बाधा और प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। निगम प्रशासन ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है और शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दोबारा ढकी गई प्रतिमा
विवाद बढ़ने के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। आनन-फानन में प्रतिमा को एक बार फिर से नए कपड़े से ढंक दिया गया है, ताकि मुख्यमंत्री द्वारा निर्धारित समय पर इसका विधिवत अनावरण किया जा सके। फिलहाल मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
क्यों हुआ विवाद?
शहर में दो महापुरुषों की प्रतिमाएं (पंडित रविशंकर त्रिपाठी और चंद्रशेखर आजाद) स्थापित की गई हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के हाथों दोनों का एक साथ लोकार्पण होना तय था। युवा कांग्रेस का तर्क है कि महापुरुषों की प्रतिमाओं को लंबे समय तक ढंक कर रखना उनका अपमान है, जबकि भाजपा और निगम प्रशासन इसे सस्ती राजनीति और नियम विरुद्ध बता रहे हैं।



