सीजी भास्कर, 07 जुलाई। साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों (Cyber Fraud) के संगठित नेटवर्क के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मामलों में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र से 8 और थाना छावनी क्षेत्र से 2 आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले कुल 123 खाताधारकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा चुकी है।
गृह मंत्रालय के इनपुट पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार भारत सरकार के गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल और पुलिस मुख्यालय से प्राप्त जानकारी के आधार पर साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों की जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि इन खातों में ठगी की रकम जमा कर उसे अन्य खातों में ट्रांसफर किया गया, जिससे आरोपियों ने अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला कि खाताधारकों ने स्वयं या अन्य लोगों के साथ मिलकर साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने, छिपाने और आगे भेजने के लिए अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे।
सिटी कोतवाली में 106 खाताधारकों की जांच
थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने इंडियन ओवरसीज बैंक के संदिग्ध खातों की जांच के दौरान 106 खाताधारकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। विवेचना के दौरान 8 खाताधारकों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड जब्त किए गए।
छावनी मामले में कुल 17 गिरफ्तार
थाना छावनी में दर्ज प्रकरण में पहले ही 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। आगे की विवेचना के दौरान दो अन्य आरोपी प्रेमलाल कौशिक और ललित कुमार को भी गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों में मोदित कुमार जैन (26), करण टंडन (21), अवध किशोर (55), संकेत कुमार दास (27), रविंद्र कौशिक (20), शहबाज आलम (26), ए. सागर (36), प्रीति कौर (37), प्रेमलाल कौशिक (23) और ललित कुमार (24) शामिल हैं।
मोबाइल, पासबुक और एटीएम कार्ड जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से इंडियन ओवरसीज बैंक की पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड तथा विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मामले की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है।



