नेतानार में जन सुविधा केंद्र का उद्घाटन
सीजी भास्कर, 18 मई। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। रविवार रात वे रायपुर पहुंचे, जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका स्वागत किया। आज शाह बस्तर पहुंचेंगे और जगदलपुर एयरपोर्ट से सीधे नेतानार गांव जाएंगे। यहां वे वीर शहीद गुंडाधुर के गांव से जन सुविधा केंद्र की शुरुआत करेंगे। (Amit Shah reached Chhattisgarh)
इसके अलावा अमित शाह जगदलपुर के अमर वाटिका में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे और डायल-112 सेवा के तहत शामिल करीब 400 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
उनके दौरे के दौरान मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक भी आयोजित होगी, जिसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
सुरक्षा और विकास पर रहेगा फोकस
दौरे के दौरान शाह का मुख्य फोकस बस्तर में सुरक्षा व्यवस्था, विकास कार्यों की समीक्षा और जनसुविधाओं के विस्तार पर रहेगा। डायल-112 सेवा का विस्तार, फॉरेंसिक यूनिट्स की सुविधा और जन सुविधा केंद्रों की शुरुआत को सरकार की बड़ी पहल माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर अब नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है और सुरक्षा कैंपों को अब जन सुविधा केंद्रों में बदला जाएगा। नेतानार से इसकी शुरुआत की जा रही है। आने वाले समय में बस्तर के अन्य कैंपों को भी इसी तरह विकसित किया जाएगा।
मध्य क्षेत्रीय परिषद की होगी अहम बैठक : Amit Shah reached Chhattisgarh
जगदलपुर में आयोजित होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में चार राज्यों के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में विकास योजनाओं, सुरक्षा व्यवस्था और अंतरराज्यीय समन्वय जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
सरकार का मानना है कि इस बैठक से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास और प्रशासनिक समन्वय को मजबूती मिलेगी। परिषद की बैठक को लेकर प्रशासनिक तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।

Amit Shah reached Chhattisgarh : दौरे को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
अमित शाह के बस्तर दौरे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा उपलब्ध है तो बैठक वर्चुअल तरीके से भी की जा सकती थी।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग राज्यों से विशेष विमानों के जरिए नेताओं और अधिकारियों के आने से लाखों रुपए खर्च होंगे। साथ ही बैज ने नक्सलवाद खत्म होने के सरकारी दावों पर भी सवाल उठाते हुए हाल ही में कांकेर में जवानों की शहादत का जिक्र किया।



