सीजी भास्कर, 28 अप्रैल : छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता लिमिटेड के पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे पर वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने न केवल हादसे पर दुख जताया, बल्कि अपनी व्यक्तिगत त्रासदी का भी जिक्र किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सक्ती हादसे का दर्द उनके लिए वैसा ही है, जैसा उन्होंने अपने जवान बेटे को खोकर सहा है। इस (Anil Agarwal Vedanta Statement) ने अब औद्योगिक जगत और सोशल मीडिया पर एक नई चर्चा छेड़ दी है।
“वक्त इम्तिहान ले रहा है”: अनिल अग्रवाल का छलका दर्द
अनिल अग्रवाल ने अपनी पोस्ट की शुरुआत काफी मार्मिक शब्दों से की। उन्होंने लिखा, “सुना था वक्त अक्सर इम्तिहान लेता है, पिछले कुछ महीनों से मैं यह अनुभव भी कर रहा हूं।” उन्होंने बताया कि साल की शुरुआत में उन्होंने अपने नौजवान बेटे अग्निवेश को खो दिया था, और अभी उस दुख से उबरे भी नहीं थे कि 14 अप्रैल को सक्ती पावर प्लांट में हुए हादसे ने उनसे 25 बेशकीमती साथी छीन लिए। (Anil Agarwal Vedanta Statement) के जरिए उन्होंने बताया कि वे एक असामयिक मृत्यु के दर्द को भली-भांति समझते हैं और ये दोनों हादसे उनके लिए कल्पना से परे पीड़ादायक हैं।
हादसे की जिम्मेदारी और आउटसोर्सिंग का हवाला
सक्ती के सिंघीतराई स्थित एथेना प्लांट (Athena Plant) में हुए ब्लास्ट को लेकर चेयरमैन ने महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि प्लांट के रखरखाव और ऑपरेशन्स के लिए उन्होंने देश की सबसे भरोसेमंद कंपनियों पर भरोसा किया था। (Anil Agarwal Vedanta Statement) के अनुसार, प्लांट की पूरी जिम्मेदारी ‘NTPC-GE’ की पार्टनरशिप वाली कंपनी ‘AGSL’ को सौंपी गई थी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यह वैसा ही है जैसे कोई वाहन मालिक अपनी गाड़ी किसी भरोसेमंद ड्राइवर को सौंप देता है और उम्मीद करता है कि सब सलामत रहेगा, लेकिन दुर्भाग्य से यह हादसा हो गया।
सेफ्टी पॉलिसी और तकनीकी विशेषज्ञों पर भरोसा
चेयरमैन ने जोर देकर कहा कि वेदांता के हर कॉन्ट्रैक्ट में सुरक्षा (Safety) को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी और जीई जैसी दिग्गज कंपनियों की भी यही पॉलिसी रही है, फिर भी इतनी बड़ी दुर्घटना होना हृदयविदारक है। (Anil Agarwal Vedanta Statement) में उन्होंने यह भी साफ किया कि हादसे के समय प्लांट में मौजूद टेक्निकल एक्सपर्ट, कर्मचारी और कॉन्ट्रैक्टर्स भी उसी आउटसोर्स की गई कंपनी के थे। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि कंपनी अब हादसे के तकनीकी कारणों की जवाबदेही तय करने की दिशा में बढ़ रही है।
मृतकों को श्रद्धांजलि और मुआवजे का ऐलान
अनिल अग्रवाल ने अपने बेटे अग्निवेश सहित उन सभी 25 लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई। उन्होंने भावुक होते हुए लिखा कि वे और पूरा वेदांता परिवार इस दुख की घड़ी में शोकाकुल परिवारों के साथ है। (Anil Agarwal Vedanta Statement) में यह भी जानकारी दी गई कि प्लांट हादसे के सभी पीड़ितों को मुआवजा दिया जा चुका है। उन्होंने वादा किया कि वेदांता ग्रुप के चेयरमैन के रूप में भविष्य में भी वे प्रभावित परिवारों की हर संभव मदद करते रहेंगे।
क्या था 14 अप्रैल का वह खौफनाक मंजर?
सक्ती के सिंघीतराई में स्थित इस पावर प्लांट में 14 अप्रैल को बॉयलर में जबरदस्त ब्लास्ट हुआ था। उस वक्त प्लांट के अंदर 35 कर्मचारी काम कर रहे थे। धमाका इतना भीषण था कि प्लांट का ढांचा हिल गया और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। इस (Anil Agarwal Vedanta Statement) के संदर्भ में बता दें कि हादसे वाले दिन ही 10 मजदूरों की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि इलाज के दौरान 15 अन्य ने दम तोड़ दिया। कुल 25 मौतों ने पूरे छत्तीसगढ़ को हिलाकर रख दिया था।


