सीजी भास्कर, 25 दिसंबर। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती (Atal Bihari Vajpayee Jayanti) के अवसर पर 25 दिसंबर को मनाए जा रहे सुशासन दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सुशासन के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा कि अटल जी केवल एक कुशल राजनेता ही नहीं थे, बल्कि वे संवेदनशील कवि, दूरदर्शी विचारक और ऐसे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने जनकल्याण को हमेशा सर्वोपरि रखा। उनके नेतृत्व में देश ने सुशासन, पारदर्शिता और विकास की एक नई दिशा को अपनाया, जिसका प्रभाव आज भी शासन व्यवस्था में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
अंत्योदय की सोच आज भी मार्गदर्शक
मुख्यमंत्री ने कहा कि “अंत्योदय” की भावना के साथ समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का अटल बिहारी वाजपेयी का दृष्टिकोण आज भी केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों (Atal Bihari Vajpayee Jayanti) का आधार है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है।
प्रशासनिक सुधार, पारदर्शी कार्यप्रणाली, समयबद्ध सेवाएं और जनविश्वास की पुनर्स्थापना जैसे प्रयास अटल जी के विचारों से प्रेरित होकर किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आम नागरिक को बिना भटकाव के समय पर सेवाएं मिलें और शासन व्यवस्था में विश्वास और मजबूत हो।
सुशासन दिवस: संकल्प का अवसर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सुशासन दिवस केवल अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने और जवाबदेह शासन देने का संकल्प दिवस भी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अटल जी के आदर्शों को अपने जीवन और कार्यशैली में आत्मसात करें तथा राष्ट्र और प्रदेश के समावेशी विकास में सक्रिय सहभागी बनें।
सुशासन दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से अटल बिहारी वाजपेयी (Atal Bihari Vajpayee Jayanti) के विचारों, मूल्यों और उनके योगदान को स्मरण किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियों को भी सुशासन और सेवा की भावना से जुड़ने की प्रेरणा मिल सके।



