सीजी भास्कर, 05 जून। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण (Bar Navapara Wildlife Crime) को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम ने अवैध शिकार के एक मामले में बड़ी कार्रवाई की है। बारनवापारा परियोजना मंडल के बार परिक्षेत्र अंतर्गत बसना सर्किल के लारीपुर बीट क्षेत्र में दर्ज वन्यजीव अपराध प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन अपराधों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
वन मंत्री के निर्देश पर तेज हुई कार्रवाई
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्यभर में वन्यजीव संरक्षण और अवैध शिकार (Bar Navapara Wildlife Crime) पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत वन विकास निगम की टीम ने जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर ग्राम पड़कीपाली निवासी 32 वर्षीय मनोहर यादव को गिरफ्तार किया।
वन अधिकारियों के अनुसार आरोपी की भूमिका प्रारंभिक जांच में स्पष्ट होने के बाद उसे विधिवत हिरासत में लिया गया। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वन अपराधों पर निगम की जीरो टॉलरेंस नीति
वन विकास निगम के अधिकारियों ने बताया कि बारनवापारा (Bar Navapara Wildlife Crime) क्षेत्र वन्यजीवों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। यहां वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित गश्त, निगरानी और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। अवैध शिकार, वन्यजीवों के अंगों की तस्करी और अन्य वन अपराधों को रोकने के लिए विभाग लगातार सतर्क है।
अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों के खिलाफ किसी भी प्रकार के अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में कुछ अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है।
वन विभाग ने नागरिकों से मांगा सहयोग
वन विकास निगम ने आम लोगों से वन्यजीव संरक्षण अभियान में सहयोग करने की अपील की है। विभाग ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध शिकार, वन्यजीव तस्करी या कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी तत्काल सूचना वन विभाग को दी जाए।
अधिकारियों ने कहा कि वन्यजीवों का शिकार केवल कानूनी अपराध नहीं, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जैव विविधता के लिए भी गंभीर खतरा है। वन्यजीवों की सुरक्षा में जनभागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है।




