डॉग स्क्वॉड की मदद से हुई पतासाजी, आरोपियों के कब्जे से भालू के चार नाखून बरामद
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई, पोस्टमार्टम में फेफड़ों के संक्रमण से मौत की पुष्टि
रायपुर, 4 सितंबर 2026। मृत भालू के नाखून (Bear Nail Seized) काटकर ले जाने के मामले में वन विभाग ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भालू के चार नाखून बरामद किए गए हैं। मामला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र का है। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्रवाई की जा रही है।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर वन्यजीवों की सुरक्षा और अवैध शिकार पर रोक लगाने के लिए विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और डॉग स्क्वॉड की मदद से आरोपियों की पतासाजी की।

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पंजे से गायब मिले चार नाखून
वन विभाग को 3 सितंबर को मरवाही वृत्त के उसाढ़ परिसर स्थित कक्ष क्रमांक 2035 में भालू के मृत होने की सूचना मिली थी। टीम मौके पर पहुंची तो निरीक्षण के दौरान पता चला कि मृत भालू के पिछले दाएं पंजे के चार नाखून गायब थे।
मृत भालू के नाखून (Bear Nail Seized) गायब मिलने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉग स्क्वॉड टीम की सहायता से सघन सर्च और पतासाजी अभियान शुरू किया।
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डॉग स्क्वॉड ने आरोपियों तक पहुंचाया
सर्च अभियान के दौरान वन विभाग की टीम को मामले में सफलता मिली। टीम ने ग्राम बरौर निवासी सुदर्शन यादव (54) और सूरज साहिस (20) को पकड़ा। दोनों से पूछताछ के बाद उनके कब्जे से मृत भालू के चार नाखून बरामद किए गए।
वन विभाग ने चारों नाखूनों को विधिवत जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव अपराध (Bear Nail Seized) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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न्यायालय में पेश किए जा रहे आरोपी
वन विभाग के अनुसार आरोपियों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। विभाग ने वन्यजीवों के अवैध शिकार और उनके अंगों की तस्करी से जुड़े मामलों में सख्ती बरतने की बात कही है।
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फेफड़ों के संक्रमण से हुई भालू की मौत
सर्च और वैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पशु चिकित्सकों की टीम की मौजूदगी में मृत भालू का पोस्टमार्टम कराया गया। पशु चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया भालू की मौत का कारण तीव्र फेफड़ों का संक्रमण बताया है।
पोस्टमार्टम के बाद मृत भालू का विधिवत दाह संस्कार किया गया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी मरवाही कुमार निशांत सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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वन्यजीवों के शव से छेड़छाड़ नहीं करने की अपील
वन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव के मृत पाए जाने पर उसके शव या अंगों के साथ छेड़छाड़ न करें। इसकी सूचना तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय को दें।
विभाग ने स्थानीय नागरिकों से वन अपराध, अवैध शिकार या वन्यजीवों से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग को देने की अपील की है। विभाग के अनुसार वन्यजीवों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और स्थानीय लोगों की सहभागिता से वन संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत किया जा सकता है।




