सीजी भास्कर, 22 जून : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों के गरीब और कमजोर तबके के परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर (Bhumihin Krishi Mazdoor Yojana) बनाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजना “दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” के तहत अब प्रदेश के प्रत्येक पात्र भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना का मुख्य फोकस उन मेहनतकश परिवारों को आर्थिक संबल देना है, जो दिन-रात खेतों में पसीना तो बहाते हैं, लेकिन उनके पास स्वयं की कोई कृषि भूमि (जमीन) नहीं है। प्रशासन ने साफ किया है कि सहायता राशि में पूरी पारदर्शिता बरतने के लिए पैसे सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में (DBT के जरिए) ट्रांसफर किए जाएंगे, ताकि वे अपनी शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी जरूरतों को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें।
छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को ही मिलेगा लाभ
योजना (Bhumihin Krishi Mazdoor Yojana) का लाभ उठाने के लिए सरकार ने कुछ जरूरी दिशा-निर्देश तय किए हैं। इसके तहत सबसे पहली शर्त यह है कि आवेदक का छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना अनिवार्य है। सरकार ने इस योजना के दायरे को बढ़ाते हुए ग्रामीण समाज के उन सभी पारंपरिक वर्गों को शामिल किया है जो सीधे तौर पर भूमिहीन हैं। पात्र समूहों में भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार, चरवाहा, बढ़ई, लोहार, मोची, नाई और धोबी जैसे ग्रामीण श्रमिक शामिल हैं। इसके साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में आने वाले देवस्थलों से जुड़े पुजारी, पारंपरिक वैद्य, गुनिया और मांझी परिवारों को भी इसका लाभ दिया जाएगा। इन सभी समुदायों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी शुद्ध आय में बढ़ोतरी करने के लिए शासन स्तर पर यह विशेष नीति तैयार की गई है।
बेहद सरल है आवेदन की प्रक्रिया
ग्रामीणों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवेदन की पूरी प्रक्रिया को बहुत ही आसान और सुलभ रखा गया है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक और योग्य हितग्राही अपनी संबंधित ग्राम पंचायत या नगर पंचायत कार्यालय में जाकर ऑफलाइन माध्यम से अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। पूर्ण रूप से भरे गए आवेदनों को जमा करने के बाद संबंधित विभाग द्वारा उनकी सघनता, सत्यता और पात्रता की जांच की जाएगी। एक बार आवेदन स्वीकृत होने के बाद, लाभार्थी अपने पंजीयन का पूरा विवरण (रजिस्ट्रेशन स्टेटस) घर बैठे ऑनलाइन देख सकते हैं। इसके लिए वे अपने मोबाइल नंबर, पंजीयन क्रमांक या अन्य पहचान पत्र के माध्यम से आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं। यह योजना राज्य सरकार की ग्रामीण कल्याण नीति के तहत समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।





