सीजी भास्कर, 27 अप्रैल। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख कमांडर शेख यूसुफ अफरीदी की अज्ञात हमलावरों द्वारा हत्या कर दी गई। अफरीदी संगठन में वैचारिक और रणनीतिक स्तर पर अहम भूमिका निभाता था और उसे शीर्ष नेतृत्व का करीबी माना जाता था। (Major blow to terrorist network)
संगठन में अहम भूमिका और कट्टरपंथ फैलाने का काम : Major blow to terrorist network
शेख यूसुफ अफरीदी लश्कर-ए-तैयबा का प्रांतीय स्तर का प्रमुख अधिकारी था और खैबर पख्तूनख्वा में संगठन के नेटवर्क को संचालित करता था। वह स्थानीय मदरसों और धार्मिक संस्थानों के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करता था और उन्हें प्रशिक्षण देकर जम्मू-कश्मीर में हमलों के लिए भेजने में सक्रिय भूमिका निभाता था। खुफिया एजेंसियों के अनुसार, वह विभिन्न आतंकी गुटों के बीच समन्वय स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण कड़ी था।
कश्मीर हमलों की साजिश में था प्रमुख दिमाग
अफरीदी को जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी हमलों की योजना और क्रियान्वयन में मुख्य भूमिका निभाने वाला माना जाता था। वह अपने कबायली संपर्कों का उपयोग कर घुसपैठ के रास्ते और लॉजिस्टिक सपोर्ट सुनिश्चित करता था। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, उसके नेटवर्क के जरिए सीमा पार गतिविधियों को मजबूती मिलती थी। (Major blow to terrorist network)
2026 में आतंकी नेतृत्व पर लगातार वार
इस वर्ष अब तक कई बड़े आतंकी संगठनों के शीर्ष नेताओं की हत्या हो चुकी है। लाहौर, कराची, सिंध और बलूचिस्तान जैसे क्षेत्रों में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंतरिक गुटबाजी, प्रतिद्वंद्वी संगठनों की रंजिश या किसी गुप्त अभियान का परिणाम हो सकता है। अफरीदी की मौत से संगठन के ढांचे को बड़ा झटका लगा है और आने वाले समय में उसकी गतिविधियों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।


