सीजी भास्कर, 30 जून। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में एक बार फिर नया मोड़ आ गया है। नगर निगम के पूर्व संपदा अधिकारी राजेश देवांगन का करीब 2 साल पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में तत्कालीन महापौर रामशरण यादव के 1.15 करोड़ लेने का दावा किया जा रहा है। (Bilaspur Former Mayor Corruption Allegation)
वहीं पूर्व संपदा अधिकारी ने RTI एक्टिविस्ट और जांजगीर-चांपा से भाजपा सांसद कमलेश जांगड़े के प्रतिनिधि अनुभव तिवारी पर ब्लैकमेल कर 50 लाख मांगने के आरोप लगाए हैं। पूर्व संपदा अधिकारी ने कहा कि फर्जी शिकायत की पहले ही जांच हो चुकी है। जांच में उसे आधारहीन माना गया था। वहीं, अनुभव की शिकायत को भी पुलिस ने पहले ही खारिज कर दिया था।
आरोप है कि गणेश ट्रेडर्स को नियमों के खिलाफ टेंडर दिलाने के बदले 1 करोड़ 15 लाख रुपए का लेन-देन हुआ था। वायरल वीडियो में पूर्व संपदा अधिकारी राजेश देवांगन कथित तौर पर इस लेन-देन का जिक्र करते नजर आ रहे हैं।
पूर्व संपदा अधिकारी ने इस वीडियो को एडिटेड बताया है। उन्होंने कहा कि वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ वे केस करेंगे। इधर, वीडियो वायरल होने के बाद राजेश देवांगन को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही अपर आयुक्त ने जांच कमेटी भी बनाई है। वहीं, पूर्व मेयर रामशरण यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है।
कथित शिकायत में आरोप लगाया गया है कि करीब 2 साल पहले गणेश ट्रेडर्स के संचालक मोनू अग्रवाल को नगर निगम का एक टेंडर मिला था। इसके बाद राजेश देवांगन ने कथित तौर पर मुकेश पाठक के जरिए मोनू अग्रवाल की मुलाकात तत्कालीन महापौर रामशरण यादव से कराई।
आरोप (Bilaspur Former Mayor Corruption Allegation) है कि महापौर के बंगले में टेंडर को MIC से मंजूरी दिलाने के बदले लेन-देन की बात हुई। पहले 50 लाख रुपए, फिर 50 लाख रुपए और उसके बाद 12 लाख रुपए दिए गए। बाद में महापौर के कहने पर मुकेश पाठक के जरिए 3 लाख रुपए और दिए गए। फर्जी शिकायत में दावा किया गया था कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मुकेश मौके पर मौजूद था।
कथित शिकायत में यह भी कहा गया कि MIC से टेंडर पास हो गया, लेकिन किसी कारणवश कलेक्टर ने उस टेंडर पर रोक लगा दी। इसके बाद संबंधित पक्ष उच्च न्यायालय पहुंच गया, जहां मामला अभी पेडिंग है। टेंडर विवाद के बाद गणेश ट्रेडर्स से जुड़े मोनू, राजा, शरद और अखिलेश ने कई बार कथित तौर पर राजेश अपने कार्यालय बुलाकर गाली-गलौज की।
जान से मारने की धमकी और हमले का आरोप : Bilaspur Former Mayor Corruption Allegation
कथित तौर पर राजेश को जान से मारने की धमकी दी और 1.15 करोड़ रुपए वापस करने का दबाव बनाया। यह भी आरोप है कि राजेश देवांगन के ऊपर कई बार हमला भी किया गया। एक बार राजा अग्रवाल ने कांच की बोतल तोड़कर उनका गला काटने की कोशिश की, जिससे वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भाग निकले।
फर्जी एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कराने का आरोप
कथित शिकायत में राजेश देवांगन ने कहा है कि उन्होंने पूर्व महापौर रामशरण यादव से कई बार पैसे वापस दिलाने की बात कही, लेकिन उनकी ओर से कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद संबंधित लोगों ने उन पर लगातार दबाव बनाना शुरू कर दिया। उन्हें कथित रूप से बंधक बनाकर उनकी दुकान की रजिस्ट्री अपने नाम कराने का दबाव डाला गया।
साथ ही डरा-धमकाकर एक कथित फर्जी एग्रीमेंट पर जबरन हस्ताक्षर और अंगूठा लगवा लिया गया, जिसमें यह लिखा गया कि उन्हें 1 करोड़ 15 लाख रुपए कैश मिले हैं।
2 साल पुराना वीडियो वायरल होने से गरमाया मामला
वहीं, इस मामले में राजेश देवांगन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर लेन-देन का जिक्र करते नजर आ रहे हैं। राजेश देवांगन ने स्पष्ट किया कि इस मामले में मेरी ओर से कोई शिकायत नहीं की गई है। अनुभव तिवारी नाम के व्यक्ति ने शिकायत की है, जो मुकेश पाठक का दोस्त है और मेरे घर भी आता-जाता था।
राजेश देवांगन ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें ब्लैकमेल कर वसूली के लिए दबाव बनाया था। उनके इनकार करने पर अब वीडियो वायरल कर बदनाम किया जा रहा है। वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ वे केस करेंगे।
संपदा अधिकारी सस्पेंड, जांच कमेटी भी बनी : Bilaspur Former Mayor Corruption Allegation
अपर आयुक्त खजांची कुमार ने कहा कि इस मामले में टेंडर पहले ही निरस्त किया जा चुका है। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद अब नगर निगम ने पूर्व संपदा अधिकारी राजेश देवांगन को सस्पेंड कर दिया है। जांच के लिए उच्च स्तरीय कमेटी बनाई गई है। अब इस पूरे विवाद में नगर निगम की जांच समिति की रिपोर्ट अहम मानी जा रही है।



