सीजी भास्कर, बिलासपुर, 29 अक्टूबर। बिलासपुर में शासकीय राजस्व कार्य के लिए 25 हजार रुपये रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में पटवारी (Bilaspur Patwari Suspended) ऋषिपुरी गोस्वामी को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया और समाचार पोर्टलों पर प्रसारित वीडियो की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने यह कार्रवाई की है। कलेक्टर ने संबंधित पटवारी के खिलाफ सात दिनों के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।
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वायरल वीडियो से खुलासा
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के संबंध में तहसीलदार पचपेड़ी ने जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। जांच रिपोर्ट में 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए। इसके बाद जिला प्रशासन ने संबंधित पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। इस मामले में प्रशासन ने जांच प्रतिवेदन के आधार पर कदम उठाया है। (Bilaspur Patwari Suspended) की कार्रवाई के बाद अब संबंधित पटवारी के विरुद्ध विभागीय प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
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पटवारी पर गंभीर कदाचरण
ऋषिपुरी गोस्वामी पहले पटवारी हल्का नंबर 14 में पदस्थ थे। वर्तमान में वे तहसील पचपेड़ी के पटवारी हल्का नंबर 05 में कार्यरत थे। तहसीलदार पचपेड़ी ने 28 अक्टूबर 2026 को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था। निलंबन आदेश में पटवारी के कृत्य को सिविल सेवा आचरण नियमों के विपरीत और गंभीर कदाचरण की श्रेणी में माना गया है। आदेश के अनुसार, इस कृत्य से शासन की छवि धूमिल हुई है। (Bilaspur Patwari Suspended) के तहत जारी आदेश में उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
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कोटा में तय किया मुख्यालय
निलंबन अवधि के दौरान ऋषिपुरी गोस्वामी का मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, कोटा कार्यालय निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने तहसीलदार पचपेड़ी को संबंधित पटवारी के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। रिश्वत लेने के आरोपों (Bilaspur Patwari Suspended) के मामले में अब विभागीय प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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