सीजी भास्कर, 29 अक्टूबर। भारत को नवंबर 2026 तक रूस से एस-400 वायु रक्षा प्रणाली का पांचवां और आखिरी स्क्वाड्रन मिलने (S-400 System) की संभावना है। इसके साथ ही वर्ष 2018 में हुए पांच स्क्वाड्रन की खरीद के समझौते की डिलीवरी पूरी हो जाएगी। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आपूर्ति में देरी को इसकी वजह माना जा रहा है।

हवाई खतरों से निपटने की क्षमता बढ़ेगी S-400 System
एस-400 दुश्मन के लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइलों और कुछ प्रकार की बैलिस्टिक मिसाइलों को निशाना बनाने में सक्षम है। भारत को अब तक चार स्क्वाड्रन मिल चुके हैं, जिनसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की सुरक्षा मजबूत हुई है।
दिल्ली एनसीआर में तैनाती की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, पांचवें स्क्वाड्रन को दिल्ली एनसीआर की हवाई सुरक्षा के लिए तैनात किया (S-400 System) जा सकता है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। डिलीवरी के बाद सिस्टम को ऑपरेशन के लिए तैयार करने हेतु तकनीकी एकीकरण और जरूरी परीक्षण भी पूरे करने होंगे।
पांच और स्क्वाड्रन खरीदने की तैयारी
रक्षा सूत्रों के अनुसार, मार्च 2026 में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने पांच अतिरिक्त एस-400 स्क्वाड्रन की खरीद से जुड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। यह मौजूदा समझौते से अलग है। अतिरिक्त खरीद आगे बढ़ने पर भारत की लंबी दूरी की वायु रक्षा क्षमता और मजबूत हो सकती है।
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