सीजी भास्कर, सक्ती, 29 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में नकली नोट तैयार करने के कथित मामले (Sakti Fake Currency Case) में हसौद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से 500 और 100 रुपये के कुल 17,500 रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं। मौके से कलर प्रिंटर, नोट छापने का फ्रेम, कागज, कटर और एक एक्टिवा वाहन भी जब्त किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि कथित नकली करेंसी तैयार करने और उसे बाजार में चलाने की योजना में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
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17,500 रुपये की जाली करेंसी बरामद
मिली जानकारी के अनुसार, हसौद पुलिस ने नकली नोट तैयार करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनके पास से 500 और 100 रुपये के मूल्यवर्ग के कथित नकली नोट बरामद किए हैं, जिनका कुल अंकित मूल्य 17,500 रुपये बताया गया है।
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प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आशंका है कि आरोपियों की योजना इन नोटों को बाजार में चलाने की थी। हालांकि, नोट कहां तैयार किए गए और उन्हें किन स्थानों पर खपाने की योजना थी, इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। हसौद में नकली नोटों की बरामदगी (Sakti Fake Currency Case) के बाद पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
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प्रिंटर और छपाई का फ्रेम जब्त
पुलिस की कार्रवाई में कथित नकली नोटों के साथ उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री भी जब्त की गई है। इसमें कलर प्रिंटर, नोट छापने का फ्रेम, कागज और कटर शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि प्रिंटर की मदद से नोट तैयार किए जा रहे थे।
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पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि छपाई के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री कहां से लाई गई थी और आरोपी इस गतिविधि में कब से शामिल थे। जब्त उपकरणों की जांच से नोट तैयार करने के तरीके और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी मिल सकती है। नकली नोट छापने के उपकरणों की बरामदगी (Sakti Fake Currency Case) में जांच का अहम हिस्सा मानी जा रही है।
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कोसीर गांव के रहने वाले आरोपी
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों का संबंध सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कोसीर क्षेत्र से बताया जा रहा है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक एक्टिवा वाहन भी जब्त किया है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वाहन का इस्तेमाल कथित नकली नोटों को लाने-ले जाने या किसी अन्य काम के लिए किया जा रहा था।
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इस बिंदु पर पुलिस की जांच जारी है। अधिकारियों की जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों आरोपियों की गतिविधियां किन क्षेत्रों तक सीमित थीं और क्या इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका भी सामने आती है।
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क्या बाजार में चलाए गए नकली नोट
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले नकली नोट तैयार किए थे या उन्हें बाजार में चलाया था। जांच के दौरान यह जानकारी जुटाई जा सकती है कि कथित गतिविधि केवल नोट तैयार करने तक सीमित थी या इसमें अन्य लोग भी शामिल थे।
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फिलहाल किसी बड़े नेटवर्क या दूसरे जिलों में नकली करेंसी की सप्लाई की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए किसी अन्य व्यक्ति या संगठित गिरोह की भूमिका को लेकर अभी निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ नकली नोट बरामदगी मामले (Sakti Fake Currency Case) से जुड़े अन्य तथ्य सामने आ सकते हैं।
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न्यायालय में पेशी के बाद अभिरक्षा
हसौद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। पुलिस बरामद नोटों, छपाई के उपकरणों और अन्य जब्त सामग्री के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
मामले में आगे की कार्रवाई जांच से मिलने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई में दो आरोपियों की गिरफ्तारी, 17,500 रुपये के कथित नकली नोटों की बरामदगी और छपाई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
नकली नोट मिलने पर क्या करें
नकद लेनदेन के दौरान किसी नोट के नकली होने का संदेह हो तो उसकी सुरक्षा विशेषताओं की जांच करें। नोट संदिग्ध लगे तो उसे आगे किसी दूसरे व्यक्ति को देने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में बैंक या पुलिस को इसकी जानकारी देना उचित है। भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर भारतीय करेंसी के सुरक्षा फीचर्स से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध है।
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फिलहाल सक्ती जिले के इस मामले (Sakti Fake Currency Case) में पुलिस आगे की जांच कर रही है। बरामद नोटों और जब्त उपकरणों की जांच के बाद ही कथित नकली करेंसी तैयार करने के तरीके, उसके संभावित इस्तेमाल और अन्य लोगों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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