छोटे फुटपाथ व्यवसायियों को नुकसान पर जताई नाराजगी, मुआवजे की मांग का भी उठाया मुद्दा
भिलाई नगर, 28 अक्टूबर। नगर पालिक निगम भिलाई और यातायात पुलिस द्वारा 27 अक्टूबर को सड़क किनारे पसरा लगाकर व्यवसाय करने वालों के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने कड़ी नाराजगी (Rikesh Sen) जताई है। उन्होंने तत्काल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा कर बिना पूर्व सूचना और सामान हटाने की मोहलत दिए, की गई कार्रवाई पर आपत्ति दर्ज कराई तथा प्रभावित छोटे व्यवसायियों को राहत देने की मांग उठाई।

आपको बता दें कि भिलाई निगम के तात्कालीन आयुक्त अशोक द्विवेदी ने भी बगैर जनप्रतिनिधियों को सूचना दिए कुछ इसी तरह की कार्रवाई (Rikesh Sen) की थी जिसमें विधायक रिकेश की आपत्ति को सीएम हाउस ने संज्ञान में लेकर कमिश्नर को हटा दिया था।
कल ऐसी ही गलती की पुनरावृत्ति पर विधायक की नाराज़गी एक बार फिर निगम गलियारे में चर्चा का विषय बनी है। श्री सेन की मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद इस पूरे मुद्दे को लेकर 29 अक्टूबर को सीएम से मुलाकात भी होनी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बगैर जनप्रतिनिधियों को सूचित किए इस तरह की मनमाना कार्रवाई और फुटपाथ व्यवसायियों को हुए नुकसान की गाज जिम्मेदार अधिकारियों पर जरूर गिरेगी।
विधायक रिकेश सेन ने स्पष्ट किया कि वे यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमण के समर्थक नहीं हैं। त्यौहारी सीजन में सड़कों को व्यवस्थित और सुगम बनाए रखने के लिए प्रशासन एवं यातायात पुलिस के प्रयास आवश्यक हैं, लेकिन कार्रवाई से पहले संबंधित व्यवसायियों को नोटिस देकर अपना सामान हटाने का पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में मानवीय संवेदनशीलता और छोटे व्यापारियों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है।
बताया गया कि कल दोपहर करीब 12 से 3 बजे के बीच जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई (Rikesh Sen) की गई। इस दौरान ठेले-खोमचे और पसरा लगाकर फल, सब्जियां तथा खाद्य सामग्री बेचने वाले कई छोटे व्यवसायियों के सामान को नुकसान पहुंचा। उनकी बिक्री के लिए रखी खाद्य सामग्री भी नष्ट हो गई, जिससे उन्हें आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है।
सीएम हाउस ने लिया संज्ञान Rikesh Sen
विधायक की शिकायत पर मुख्यमंत्री निवास द्वारा संज्ञान लिए जाने की जानकारी सामने आई है। विधायक के अनुसार, अतिक्रमण हटाने से पहले संबंधित लोगों को पूर्व सूचना देने, उन्हें अपना सामान सुरक्षित हटाने की मोहलत देने और ऐसी कार्रवाई की जानकारी क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को भी पहले से देने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
विधायक रिकेश सेन ने कार्रवाई से प्रभावित फुटपाथ व्यवसायियों को हुए आर्थिक नुकसान के मद्देनजर उचित मुआवजे पर भी विचार करने (Rikes Sen) की मांग की है। उनका कहना है कि यातायात व्यवस्था सुचारु रखना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही गरीब और छोटे व्यवसायियों के हितों की रक्षा करना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। भविष्य में ऐसी कार्रवाई नियोजित, पारदर्शी और मानवीय तरीके से हो, ताकि व्यवस्था भी बनी रहे और किसी की आजीविका को अनावश्यक नुकसान भी न पहुंचे।



