सीजी भास्कर, 09 जुलाई।अयोध्या के राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पास व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। मंदिर ट्रस्ट ने चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के नाम से जारी वीआईपी पास बनाने वाली आईडी को निष्क्रिय कर दिया है। अब इन आईडी के माध्यम से किसी भी श्रद्धालु के लिए सुगम दर्शन या विशिष्ट दर्शन पास जारी नहीं किए जा सकेंगे। (Ram Mandir VIP Pass System)
जानकारी के अनुसार, पहले ट्रस्टियों की सिफारिश पर श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन और विशिष्ट दर्शन पास बनाए जाते थे। जांच के दौरान सामने आया कि इस व्यवस्था का कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया और कुछ लोगों ने सिफारिशी प्रणाली का लाभ उठाकर बड़ी संख्या में पास जारी कराए। आरोप है कि इस प्रक्रिया (Ram Mandir VIP Pass System) के जरिए अवैध रूप से आर्थिक लाभ भी कमाया गया। इसके बाद जिन तीन आईडी से सबसे अधिक पास जारी हुए थे, उन्हें बंद करने का निर्णय लिया गया।
बताया गया है कि ट्रस्ट से अलग होने के बाद अब इन तीनों पूर्व ट्रस्टियों की सिफारिश पर किसी भी श्रद्धालु को वीआईपी या सुगम दर्शन पास नहीं मिल सकेगा। वहीं, गोपाल राव ने स्वयं को विशेष आमंत्रित सदस्य की सूची से हटाए जाने की बात से असहमति जताते हुए कहा है कि वह मंदिर जाते रहेंगे और व्यवस्थाओं में सहयोग करते रहेंगे। हालांकि ट्रस्ट की ओर से जारी लिखित जानकारी में उन्हें सूची से हटाने का उल्लेख किया गया है।
चंपत राय लंबे समय तक राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े रहे। हाल ही में उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया था, जिसे ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार कर लिया गया। उनके दायित्वों का कार्यभार कृष्ण मोहन को सौंपा गया है।
इधर, चंपत राय ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा करते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह इस मामले (Ram Mandir VIP Pass System) पर अधिक टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन भविष्य में उचित समय आने पर अपनी बात सार्वजनिक करेंगे। इससे यह माना जा रहा है कि वह आगे चलकर इस पूरे प्रकरण से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण खुलासे कर सकते हैं।



