सीजी भास्कर, 15 जुलाई : बिलासपुर के करगी रोड रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी डिरेलमेंट मामले (Bilaspur Train Derailment ) में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि रेलवे ट्रैक पर छोड़े गए जेसीबी मशीन के बकेट से टकराने के कारण मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए थे। मामले का मुख्य आरोपी निजी ठेकेदार पवन नायक अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। घटना 13 जुलाई दोपहर करीब 2:20 बजे करगी रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 स्थित लाइन नंबर-3 पर हुई थी। हादसे में मालगाड़ी के कई डिब्बे डिरेल हो गए थे। हालांकि, इस दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
ट्रैक पर बकेट छोड़कर भागे मजदूर
जांच में सामने आया कि जेसीबी का बकेट प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर उतारने के बाद 5-6 मजदूर उसे प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान मालगाड़ी को आता देख मजदूर घबरा गए और भारी बकेट रेलवे ट्रैक पर ही छोड़कर भाग गए। ट्रैक पर पड़े बकेट से टकराने के कारण मालगाड़ी के तीन वैगन पटरी से उतर गए।
CCTV और मोबाइल लोकेशन से खुलासा
आरपीएफ ने बिलासपुर से इंदौर तक के विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। जांच के बाद 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
इन आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों में कमलेश टेकाम उर्फ मुन्ना, नरहर सिंह उर्फ पिंटू, देवा सिंह, बुद्धू सिंह, छत्रपति मरावी, लोकेश मांडवी, अनुराग मरावी, अभिषेक यादव, मोहम्मद शमीर (जेसीबी बकेट मंगवाने वाला) और कोच अटेंडेंट अमित यादव शामिल हैं। आरपीएफ ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी पवन नायक अभी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।



