सीजी भास्कर, 06 मई : छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पश्चिम बंगाल के सियासी (Border Security) दौरे से रायपुर लौटते ही देश की सुरक्षा और आंतरिक मामलों को लेकर कई बेहद संवेदनशील मुद्दों पर बेबाक बयान दिया है। उन्होंने खासकर देश की सुरक्षा के लिए नासूर बन चुकी बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि इस अवैध आव्रजन पर पूरी तरह से लगाम लगाने के लिए अब एक बेहद कड़ा और अचूक सुरक्षा चक्र तैयार किया जा रहा है। देश की सीमाओं को अभेद्य बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा सीमा सुरक्षा के तमाम कड़े और आधुनिक उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
बंगाल के रास्ते अवैध एंट्री पर लगेगा परमानेंट ताला
घुसपैठ के गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सीमाओं के रास्ते देश में लगातार अवैध घुसपैठ की घटनाएं होती रही हैं, जो देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा हैं। लेकिन अब इस दिशा में केंद्र और राज्य स्तर पर एक मजबूत ढांचा और आधुनिक तकनीक से लैस व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि सीमा पार से होने वाली हर संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके और उसे सीमा पर ही नेस्तनाबूद किया जा सके। देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए अब (Border Security) सीमा सुरक्षा के नियमों और निगरानी तंत्र को पहले से कई गुना अधिक सख्त और आधुनिक बनाया जा रहा है।
साजिश का जल्द होगा पर्दाफाश
वहीं, छत्तीसगढ़ की चर्चित समाजसेविका पद्मश्री फूलबासन यादव के कथित तौर पर हुए अपहरण के सनसनीखेज मामले पर भी गृहमंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार, एक परिचित महिला के जरिए ही उन्हें धोखे से गाड़ी तक ले जाया गया था। इस पूरे मामले के पीछे छिपी असली साजिश और कारणों का बहुत जल्द खुलासा कर दिया जाएगा। उन्होंने प्रदेश की जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य की पुलिस अत्यंत मुस्तैदी और गंभीरता के साथ इस संवेदनशील मामले के हर पहलू की तफ्तीश में जुटी हुई है और दोषी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
19 मई को जगदलपुर में महामंथन
इसके अलावा, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के आगामी 19 मई को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की तैयारियों को लेकर भी विजय शर्मा ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कुशल मार्गदर्शन में लगातार समीक्षा बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पिछली महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक जहां वाराणसी में आयोजित हुई थी, वहीं इस बार देश की आंतरिक सुरक्षा और बस्तर के विकास को लेकर यह सबसे अहम बैठक जगदलपुर में आयोजित की जाएगी, जिसके लिए बस्तर संभाग और पुलिस प्रशासन ने अपनी तैयारियां सातवें आसमान पर पहुंचा दी हैं। इस महामंथन में आंतरिक सुरक्षा और (Border Security) सीमा सुरक्षा जैसे राष्ट्रीय मुद्दों पर भी रणनीतिक चर्चा होने की पूरी उम्मीद है।


