सीजी भास्कर, 17 दिसंबर। छत्तीसगढ़ को हवाई मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक अहम पहल (Brijmohan Agrawal Aviation) सामने आई है। रायपुर लोकसभा सांसद और राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मुलाकात कर रायपुर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने और प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी के व्यापक विस्तार से जुड़ी प्रमुख मांगें रखीं। इस दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ की वर्तमान जरूरतों और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए एक विस्तृत मांग-पत्र भी सौंपा।
सांसद अग्रवाल ने रायपुर एयरपोर्ट के विस्तार, यात्री क्षमता में वृद्धि और यहां से सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि रायपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है, जिससे मौजूदा बुनियादी ढांचे पर दबाव बढ़ता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दर्जा मिलने से राज्य को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
निवेश, उद्योग और मेडिकल टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, उद्योग, व्यापार, कृषि, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं की अपार संभावनाओं वाला राज्य है। सीमित हवाई कनेक्टिविटी के कारण इन क्षेत्रों का पूरा लाभ नहीं मिल (Brijmohan Agrawal Aviation) पा रहा है। रायपुर एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित होने से निवेश, उद्योग, व्यापार और मेडिकल टूरिज्म को नई गति मिलेगी, जिससे रोजगार के अवसर और आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि बेहतर हवाई संपर्क न केवल राजधानी, बल्कि पूरे प्रदेश के विकास के लिए जरूरी है।
बिलासपुर एयरपोर्ट को लेकर विशेष जोर
बैठक में सांसद अग्रवाल ने बिलासपुर जैसे प्रमुख संभागीय मुख्यालय में एयरपोर्ट के पूर्ण संचालन न होने को क्षेत्रीय असंतुलन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर एयरपोर्ट के चालू होने से उत्तरी छत्तीसगढ़ के लाखों नागरिकों को सीधी हवाई सुविधा मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
सांसद ने बिलासा देवी केवट हवाई अड्डा, बिलासपुर (PAB) को 3C से उन्नत कर 4C श्रेणी में विकसित करने के लिए ₹300 करोड़ के विशेष केंद्रीय अनुदान की मांग (Brijmohan Agrawal Aviation) रखी। उन्होंने बताया कि मौजूदा 1,500 मीटर रनवे को 2,885 मीटर तक बढ़ाना पूरी तरह संभव है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा लगभग 290 एकड़ भूमि लौटाने की सहमति भी दी जा चुकी है इस उन्नयन में बड़े विमानों के संचालन के लिए नए एटीसी टावर, रनवे विस्तार और आधुनिक टर्मिनल भवन के निर्माण का प्रस्ताव शामिल है।
14 जिलों के लिए बनेगा जीवनरेखा
बृजमोहन अग्रवाल ने बताया कि बिलासपुर राज्य का दूसरा सबसे बड़ा शहर है, जहां छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे और कोल इंडिया से जुड़ी प्रमुख इकाइयां स्थित हैं। यह एयरपोर्ट छत्तीसगढ़ के 14 जिलों और मध्यप्रदेश के तीन जिलों की बड़ी आबादी के लिए हवाई संपर्क की जीवनरेखा साबित हो सकता है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सांसद द्वारा उठाए गए सभी विषयों को गंभीरता से सुना, उनके सुझावों की सराहना की और आवश्यक कार्रवाई का सकारात्मक आश्वासन दिया।
मुलाकात के बाद सांसद अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ को मजबूत और आधुनिक हवाई कनेक्टिविटी दिलाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। राज्य के समग्र विकास के लिए वे केंद्र सरकार के साथ समन्वय बनाकर लगातार प्रयास करते रहेंगे।



