सीजी भास्कर, 10 सितंबर : बस यात्रियों के लिए किराए (Bus Fare Chhattisgarh) से जुड़ा बड़ा अपडेट सामने आया है। बस संचालकों ने साधारण बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग रखी है। परिवहन मंत्री ने किराए के मुद्दे पर जल्द समाधान का भरोसा दिलाते हुए अधिकारियों को जरूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही ऑनलाइन परमिट, बसों की ट्रैकिंग और महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी अहम फैसलों पर चर्चा हुई।
मामला रायपुर में परिवहन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में हुई बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के पदाधिकारियों और प्रदेशभर से आए बस संचालकों की बैठक का है। बैठक में यात्री किराए के पुनर्निर्धारण के अलावा स्लीपर बसों के टैक्स, बसों की समय-सारिणी, ऑनलाइन परमिट, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस, फिटनेस प्रमाण-पत्र और महिला यात्रियों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
यह भी पढ़ें…Teenagers Rescued Dongargarh : स्कूल से निकले तीन नाबालिग डोंगरगढ़ पहुंचे, CCTV से मिला सुराग
किराए में 75% बढ़ोतरी की मांग
बस ऑनर फेडरेशन ने साधारण यात्री बसों के किराए में 75 प्रतिशत और डीलक्स बसों के किराए में 30 प्रतिशत वृद्धि की मांग रखी। इसके साथ ही 11 मार्च 2025 को जारी संशोधित अधिसूचना को निरस्त करने की मांग भी मंत्री के सामने रखी गई। परिवहन मंत्री ने प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि यात्री किराए से जुड़े विषय (Bus Fare Chhattisgarh) का शीघ्र समाधान किया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों को इस मामले से जुड़ी सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी करने और नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हालांकि, बैठक में किराए में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम दर घोषित नहीं की गई है। यानी फिलहाल यात्रियों को प्रस्तावित 75 और 30 प्रतिशत बढ़ोतरी को लागू किराया नहीं मानना चाहिए।
स्लीपर बसों के टैक्स पर विचार
फेडरेशन ने स्लीपर बसों में एक स्लीपर के बदले दो सीटों का टैक्स लेने की मौजूदा व्यवस्था को बदलने की मांग की। संचालकों ने कहा कि एक स्लीपर पर एक सीट के बराबर टैक्स निर्धारित किया जाना चाहिए। इस व्यवस्था से होने वाली व्यावहारिक परेशानियों से भी मंत्री को अवगत कराया गया।
परिवहन मंत्री ने इस मांग पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। अधिकारियों को इसके व्यावहारिक, तकनीकी और राजस्व संबंधी पहलुओं का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस मुद्दे पर भी फिलहाल कोई अंतिम फैसला घोषित नहीं हुआ है।
यह भी पढ़ें…Durg POCSO Death Penalty : 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म-हत्या में चाचा को फांसी
बसों की समय-सारिणी होगी व्यवस्थित
स्टेज कैरिज बसों के संचालन में समय-अंतराल तय करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। फेडरेशन ने मुख्य मार्गों पर बसों के बीच 10 मिनट और ग्रामीण मार्गों पर 30 मिनट का अंतर रखने का सुझाव दिया है। संचालकों का तर्क है कि इससे बसों के संचालन में बेहतर व्यवस्था बन सकती है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि बसों की समय-सारिणी ऐसी होनी चाहिए, जिससे यात्रियों को पर्याप्त परिवहन सुविधा मिले और बस संचालकों के बीच अनावश्यक प्रतिस्पर्धा की स्थिति न बने। अधिकारियों को यात्रियों की सुविधा और बसों के सुव्यवस्थित संचालन को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
परमिट सहित सेवाएं ऑनलाइन
बैठक में स्टेज कैरिज वाली सभी यात्री बसों के लिए पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन परमिट जारी करने की सुविधा पर भी चर्चा हुई। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सभी बसों के लिए ऑनलाइन परमिट जारी किए जा रहे हैं। परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए कि परमिट सहित परिवहन सेवाएं (Bus Fare Chhattisgarh) अधिकाधिक ऑनलाइन की जाएं।
इसका उद्देश्य बस संचालकों और आम नागरिकों को विभागीय काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। ऑनलाइन व्यवस्था से आवेदनों के निराकरण की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया गया है।
यह भी पढ़ें…Raipur Unique Ganesh Idols : बांस, दाल और धूप-अगरबत्ती से बनी अनोखी गणेश प्रतिमाएं
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर जोर
बैठक में महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए। परिवहन मंत्री ने कहा कि अगर बस में पहली या अंतिम सवारी महिला है तो ऐसी स्थिति में वाहन की ऑनलाइन ट्रैकिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। महिला यात्री के सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचने तक बस की स्थिति की निगरानी के लिए तकनीकी प्रणाली विकसित करने पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही बसों में लगे कैमरे, व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और अन्य सुरक्षा उपकरणों को सक्रिय रखने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। तकनीक के माध्यम से महिला सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावी मॉनिटरिंग पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
ग्रामीण यात्रियों के लिए अहम व्यवस्था
परिवहन मंत्री ने कहा कि बस संचालक प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में यात्री बसें आम लोगों के आवागमन का प्रमुख साधन हैं। ऐसे में बस संचालकों की व्यावहारिक समस्याओं का नियमानुसार समाधान करने के साथ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है।
बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों का बिंदुवार परीक्षण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। जिन मांगों पर विभागीय स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है, उनमें जल्द कार्रवाई करने को कहा गया है। सरकार का जोर परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, पारदर्शी, सुरक्षित और जनसुविधा केंद्रित बनाने पर है।
बैठक में छत्तीसगढ़ फूड कॉरपोरेशन के अध्यक्ष एवं बस ऑनर फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के संरक्षक संजय श्रीवास्तव, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर, फेडरेशन के अध्यक्ष अनिल पूसदकर सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए बस संचालक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
खबरें और भी हैं : Risali Mayor Reservation : रिसाली में SC महिला के लिए महापौर पद आरक्षित, 40 वार्डों का भी तय हुआ समीकरण



