सीजी भास्कर, 29 जून। बस्तर जिले में अब सड़कों पर चलने वाले ट्रैक्टरों को लेकर प्रशासन ने सख्ती (Cage Wheel Tractor) बढ़ा दी है। गांवों में इस फैसले की चर्चा तेज है और किसानों के बीच नए नियमों को लेकर जानकारी ली जा रही है। जिला प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि सड़कों को नुकसान पहुंचाने वाले वाहनों पर अब लगातार नजर रखी जाएगी।
खेतों में इस्तेमाल होने वाले लोहे के केजव्हील के साथ ट्रैक्टर यदि सड़क पर चलते मिले तो कार्रवाई तय मानी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को परेशान करना नहीं बल्कि सार्वजनिक सड़कों को सुरक्षित रखना और हादसों की आशंका कम करना है।
कलेक्टर के निर्देश पर शुरू होगी कार्रवाई Cage Wheel Tractor
कलेक्टर के निर्देश के बाद लोहे के केजव्हील वाले ट्रैक्टरों के खिलाफ चालानी और कानूनी कार्रवाई के आदेश जारी किए गए हैं। परिवहन विभाग और लोक निर्माण विभाग संयुक्त रूप से ऐसे वाहनों की निगरानी करेंगे और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कार्रवाई करेंगे।
सड़कों को होता है बड़ा नुकसान
प्रशासन के अनुसार खेतों में उपयोग होने वाले लोहे के पहिए जब डामर और सीमेंट की सड़कों पर चलते हैं तो सड़कें तेजी से क्षतिग्रस्त होती हैं। इससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचता है और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।
खेत से निकलते ही लगाने होंगे रबर टायर
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खेतों से बाहर आने के बाद ट्रैक्टरों से केजव्हील हटाकर रबर टायर (Cage Wheel Tractor) लगाना अनिवार्य रहेगा। यह व्यवस्था उच्च न्यायालय के निर्देशों और लोक निर्माण विभाग के आदेशों के अनुरूप लागू की जा रही है।
गांव गांव चलेगा जागरूकता अभियान
कार्रवाई के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्रों में मोटरयान नियमों को लेकर जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। किसानों को नियमों की जानकारी दी जाएगी और सुरक्षित परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। प्रशासन ने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के प्रति किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।



