सीजी भास्कर, 16 मई। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। एजेंसी के मुताबिक, केमिस्ट्री लेक्चरर पीवी कुलकर्णी ने अपने कोचिंग सेंटर को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से परीक्षा का पेपर लीक कराया था। आरोप है कि उसने छात्रों को परीक्षा में आने वाले सवाल और जवाब पहले से उपलब्ध कराए और इसके बदले मोटी रकम वसूली। (NEET paper was leaked)
स्टूडेंट की हरकत से खुला राज : NEET paper was leaked
सीबीआई सूत्रों के अनुसार कुलकर्णी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमरे के जरिए पुणे स्थित घर में विशेष क्लासेस आयोजित की थीं। इन क्लासेस में छात्रों को संभावित प्रश्न, विकल्प और सही जवाब बताए गए। जांच में सामने आया कि एक छात्र ने अपने पैसे की भरपाई करने के लिए कथित लीक पेपर सोशल मीडिया के जरिए अन्य कोचिंग संचालकों तक पहुंचा दिया। इसके बाद यह पेपर बड़ी संख्या में लोगों तक फैल गया। परीक्षा के बाद जब वही सवाल असली पेपर में मिले तो मामले ने तूल पकड़ लिया।
देशभर में CBI की कार्रवाई
मामले की जांच शिक्षा मंत्रालय की शिकायत के बाद सीबीआई को सौंपी गई थी। जांच एजेंसी ने पिछले 24 घंटों में कई राज्यों में छापेमारी कर मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। इन सामग्रियों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। सीबीआई अब तक इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तारियां जयपुर, गुरुग्राम, नासिक और अहमदाबाद सहित कई शहरों से हुई हैं।
मनी ट्रेल की भी जांच शुरू : NEET paper was leaked
सीबीआई का दावा है कि जांच में पेपर लीक के मुख्य स्रोत और छात्रों तक पहुंचाने वाले बिचौलियों की पहचान कर ली गई है। एजेंसी के मुताबिक, विशेष क्लासेस में शामिल होने के बदले छात्रों से लाखों रुपए लिए गए थे। अब मामले में आर्थिक लेनदेन की भी जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक से जुड़े पैसों का इस्तेमाल कहां और कैसे किया गया।



