सीजी भास्कर, 02 मई। बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद हजारों छात्र अपने अंकों की दोबारा जांच और सत्यापन प्रक्रिया (CBSE Revaluation) में जुटे हुए हैं। इसी बीच एक ऐसी जानकारी सामने आई है जिसने विद्यार्थियों और अभिभावकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। परिणाम संबंधी सेवाओं का उपयोग करने वाले छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे व्यवस्था पर दबाव भी बढ़ा है।
पोर्टल पर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सक्रियता के बीच तकनीकी चुनौतियां भी देखने को मिलीं। कई छात्रों ने सेवाओं के उपयोग में दिक्कतों की शिकायत की थी, जिसके बाद बोर्ड की ओर से स्थिति स्पष्ट करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है।
बोर्ड ने दी साइबर हमलों की जानकारी : CBSE Revaluation
सीबीएसई ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के जरिए बताया कि परिणाम सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन से जुड़े पोर्टल पर साइबर हमलों की कोशिशें हुई हैं। बोर्ड के अनुसार कुछ दुर्भावनापूर्ण तत्वों ने सेवाओं को प्रभावित करने का प्रयास किया।
हजारों छात्र कर रहे हैं उपयोग
बोर्ड ने जानकारी दी कि एक समय में 8 हजार से अधिक उपयोगकर्ता पोर्टल पर सक्रिय थे। दोपहर तीन बजे तक 16 हजार से ज्यादा विद्यार्थियों ने सफलतापूर्वक अपने आवेदन जमा कर दिए थे।
दो मिनट में आए लाखों अनुरोध
सीबीएसई के मुताबिक पोर्टल पर केवल दो मिनट के भीतर 15 लाख से अधिक हिट्स दर्ज किए गए। इसके साथ ही फाइलों तक अनधिकृत पहुंच बनाने के एक लाख से ज्यादा प्रयास भी सामने आए। इसके बावजूद सुरक्षा टीम लगातार निगरानी कर रही है और सेवाओं को सुचारू बनाए रखने का प्रयास कर रही है।
छात्रों की सुविधा के लिए किए गए बदलाव
बोर्ड ने बताया कि विद्यार्थियों से मिले सुझावों के आधार पर मंच को और बेहतर बनाया (CBSE Revaluation) गया है। सत्र की समय सीमा बढ़ाने सहित कई तकनीकी सुधार किए जा रहे हैं ताकि प्रक्रिया पहले से अधिक सुविधाजनक बन सके।
कौन कर सकता है आवेदन
पुनर्मूल्यांकन या सत्यापन के लिए केवल वही विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने पहले उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतिलिपि प्राप्त करने के लिए आवेदन किया है। विद्यार्थियों को संबंधित विषय की अंकन योजना भी देखनी होगी, जो प्रश्नपत्र के साथ उपलब्ध कराई गई है।
अंतिम माना जाएगा निर्णय
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सभी अनुरोधों की स्थिति अभ्यर्थी के लॉगिन पर उपलब्ध कराई (CBSE Revaluation) जाएगी। यदि जांच के दौरान अंक कम होते हैं तो वह भी प्रभावी होंगे। पुनर्मूल्यांकन के बाद जारी परिणाम अंतिम माना जाएगा और उसके खिलाफ किसी प्रकार की अपील या पुनः समीक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी। बोर्ड द्वारा निर्धारित अंक ही अंतिम और बाध्यकारी होंगे।




