सीजी भास्कर, 11 अगस्त : रायपुर में पुलिस ने दो बांग्लादेशी नागरिकों (Bangladeshi Citizens) को पकड़ा है। इनमें से एक युवक करीब 13 साल से रायपुर में रहकर मैकेनिक का काम कर रहा था। पुलिस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही उसके माता-पिता फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। वहीं दूसरे व्यक्ति के कबाड़ का कारोबार करने की जानकारी सामने आई है। दोनों से पूछताछ कर स्थानीय संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच की जा रही है।
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इंटेलिजेंस इनपुट पर टिकरापारा पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर टिकरापारा थाना पुलिस ने संजय नगर निवासी शेख रेहान को हिरासत में लिया। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान उसके बांग्लादेशी नागरिक (Bangladeshi Citizens) होने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि रेहान करीब 13 साल पहले अपने माता-पिता के साथ रायपुर आया था। इसके बाद से वह यहीं रहकर मैकेनिक का काम कर रहा था।
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युवक डिटेंशन सेंटर भेजा, माता-पिता फरार
पहचान की पुष्टि के बाद पुलिस ने शेख रेहान को डिटेंशन सेंटर भेज दिया। पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही उसके माता-पिता फरार हो गए। पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश देकर उनकी तलाश कर रही है। जांच में यह भी सामने आया कि रेहान की बहन की शादी रायपुर में ही एक स्थानीय व्यक्ति से हुई है। उसका एक छोटा बच्चा भी है। पुलिस ने फिलहाल उससे पूछताछ की है।
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कबाड़ का काम करने वाला दूसरा व्यक्ति भी पकड़ा गया
पुलिस ने संजय नगर इलाके से जमालकरी नाम के एक अन्य बांग्लादेशी नागरिक (Bangladeshi Citizens) को भी पकड़ा है। बताया गया कि वह कबाड़ का कारोबार करता था। पुलिस दोनों से पूछताछ कर उनके स्थानीय संपर्कों और अन्य गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
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फर्जी दस्तावेज नेटवर्क की जांच तेज
प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि बांग्लादेशी नागरिकों को एजेंटों के जरिए रायपुर लाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए जाते थे। इन दस्तावेजों में आधार कार्ड और अन्य पहचान पत्र शामिल हो सकते हैं। इसके बाद उन्हें स्थानीय नागरिक के तौर पर रहने में मदद दी जाती थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है। एजेंटों और स्थानीय स्तर पर मदद करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
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पहले भी सामने आ चुके हैं मामले
रायपुर में इससे पहले भी बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने के मामले सामने आ चुके हैं। पुलिस अब इन मामलों के बीच किसी संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।



