सीजी भास्कर, 01 जून : छत्तीसगढ़ की धरती के प्राकृतिक संसाधनों को लूटने वाले अवैध खनन माफियाओं (CG Illegal Mining Action) के खिलाफ सूबे की साय सरकार ने अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक जंग छेड़ दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा अवैध उत्खनन पर पूरी तरह से रोक लगाने और संलिप्त माफियाओं पर बिना किसी रहम के सख्त कार्रवाई करने के स्पष्ट और कड़े निर्देशों के परिपालन में, पूरे प्रदेशभर में एक व्यापक और सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की बेहद सूक्ष्म जमीनी निगरानी, आधुनिक तकनीक आधारित सैटेलाइट मॉनिटरिंग और सूचना मिलते ही बिना समय गंवाए की जा रही त्वरित छापेमारी के कारण राज्य में अवैध खनन गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना पूरी तरह संभव हो पा रहा है। सरकार के इस चौतरफा प्रहार से रेत और खनिज तस्करों के बीच हड़कंप मचा हुआ है और यह कड़ा कदम राज्य के इतिहास में माफियाओं की कमर तोड़ने वाला साबित हो रहा है।
इसी कड़ी में, खनिज विभाग के सचिव और संचालक के कड़े और सीधे दिशा-निर्देशों के बाद केंद्रीय खनि उड़नदस्ता (सेंट्रल फ्लाइंग स्क्वाड) एवं जिला स्तरीय संयुक्त राजस्व टीम द्वारा बीती 31 मई की खौफनाक और घनी रात में जिला धमतरी के अंतर्गत आने वाले विभिन्न संवेदनशील नदी तटीय क्षेत्रों का औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) किया गया। इस अचानक हुई छापेमारी के दौरान धमतरी के ग्राम नारी स्थित जीवनदायिनी महानदी के बीचों-बीच रेत का अवैध रूप से सीना चीर रही 05 विशालकाय चैन माउंटेन (पोकलेन) मशीनें रंगे हाथों अवैध रेत के उत्खनन में बुरी तरह से संलग्न पाई गईं।
रात के अंधेरे में नदी का रुख मोड़ने की यह गुस्ताखी अधिकारियों की नजरों से बच नहीं सकी। जब मौके पर मौजूद ऑपरेटरों और ठेकेदारों से रेत उत्खनन और इतनी भारी मशीनों को नदी में उतारने के संबंध में किसी भी प्रकार की वैध अनुमति, रॉयल्टी पर्ची अथवा सरकारी आदेश की मांग की गई, तो वे बगले झांकने लगे और कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद टीम ने तत्काल खनिज के अवैध उत्खनन का एक बड़ा और गंभीर प्रकरण दर्ज कर लिया। प्रशासन का यह कड़ा रवैया स्पष्ट रूप से (CG Illegal Mining Action) की बड़ी सफलता को बयां करता है।
मुख्य द्वार पर चस्पा हुआ कोर्ट का नोटिस
अवैध शिकार में लगी इन करोड़ों रुपये की मशीनों पर खनिज विभाग की टीम ने कानून का ऐसा शिकंजा कसा कि माफिया चाहकर भी कुछ नहीं कर सके। केंद्र और राज्य सरकार के सख्त ‘खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957’ की धारा 21 के तहत कड़ा संज्ञान लेते हुए, मौके पर पाई गई सभी 05 चैन माउंटेन मशीनों को तत्काल प्रभाव से जब्त कर पूरी तरह सील कर दिया गया। इतना ही नहीं, भविष्य में किसी भी प्रकार की कानूनी चालाकी से बचने के लिए और तीन दिनों के भीतर विभाग के समक्ष कड़ा जवाब प्रस्तुत करने हेतु इन सभी मशीनों के मुख्य ऑपरेटर केबिन के दरवाजों पर सरकारी नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है।
इस पूरी हाई-प्रोफाइल जांच और घेराबंदी की कार्रवाई के दौरान नदी के घाटों पर केंद्रीय उड़नदस्ता की संयुक्त जांच टीम एवं जिला स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी पूरी मुस्तैदी और भारी पुलिस बल के साथ डटे रहे, ताकि माफिया के गुर्गे किसी भी तरह का हंगामा या बाधा खड़ी न कर सकें। आधी रात को नदी के सन्नाटे में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने रेत तस्करों को यह साफ संदेश दे दिया है कि सरकार का तंत्र अब सो नहीं रहा है, बल्कि उनकी हर एक हरकत पर (CG Illegal Mining Action) के तहत पैनी नजर रखी जा रही है।
तकनीक और सख्त मॉनिटरिंग से टूटेगा माफियाओं का पूरा नेटवर्क
छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार द्वारा पूर्व में अवैध खनन के विरुद्ध लिए गए कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णयों तथा आधुनिक ड्रोन और सैटेलाइट आधारित सतत निगरानी तंत्र के कारण अब ऐसी असामाजिक गतिविधियों पर लगातार और पूरी तरह नियंत्रण स्थापित हो रहा है। पहले के समय में जहां शिकायत मिलने के बाद भी कार्रवाई होने में हफ्तों लग जाते थे, वहीं अब साय सरकार की त्वरित रिस्पांस टीम महज कुछ ही घंटों के भीतर मौके पर पहुंचकर अपराधियों को दबोच रही है।
खनिज विभाग के उच्च अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि राज्यभर में यह अभियानात्मक और दंडात्मक कार्रवाई आने वाले दिनों में और ज्यादा तेज गति से लगातार जारी रहेगी। अवैध खनन में संलिप्त रसूखदार लोगों और उनके पीछे खड़े सफेदपोश आकाओं को भी यह बेहद स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया जा रहा है कि सरकारी नियमों और पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को तनिक भी रियायत या छूट नहीं दी जाएगी। नदी, पहाड़ और जंगलों की रक्षा के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की यह व्यापक (CG Illegal Mining Action) की मुहिम आगे चलकर प्रदेश की प्राकृतिक संपदा को पूरी तरह से सुरक्षित और संरक्षित रखने में मील का पत्थर साबित होगी।




