सीजी भास्कर, 05 जून : छत्तीसगढ़ में व्यापार और उद्योग (CG Labour Registration) को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। श्रम विभाग ने दुकानों और प्रतिष्ठानों के पंजीयन से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध बना दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब श्रम पहचान संख्या (Labour Identification Number-LIN) का पंजीयन प्रमाणपत्र आवेदन के मात्र 24 घंटे के भीतर जारी किया जाएगा। यह नई अधिसूचना 3 जून 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो गई है।
24 घंटे में मिलेगा ऑनलाइन प्रमाणपत्र
श्रम विभाग (CG Labour Registration) द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार अब दुकानदारों, व्यापारियों और उद्यमियों को पंजीयन प्रमाणपत्र के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। निर्धारित प्रारूप में ऑनलाइन आवेदन, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और ई-चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने के बाद सिस्टम स्वतः प्रमाणपत्र जारी करेगा।
नई व्यवस्था पूरी तरह स्व-घोषणा (Self Declaration) आधारित होगी और प्रमाणपत्र सिस्टम जनरेटेड रहेगा। इसके लिए किसी अधिकारी के भौतिक हस्ताक्षर या कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
डिजिटल होगा पूरा रिकॉर्ड, बढ़ेगी पारदर्शिता
श्रम विभाग (CG Labour Registration) अब दुकानों और प्रतिष्ठानों का ऑनलाइन रजिस्टर भी संधारित करेगा। इससे सभी अभिलेख डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेंगे और निगरानी की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। विभाग का मानना है कि इससे पंजीयन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और रिकॉर्ड प्रबंधन पहले से अधिक आसान होगा।
गलत जानकारी देने पर नियोक्ता होंगे जिम्मेदार
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि आवेदन के दौरान प्रस्तुत किसी भी तथ्य, दस्तावेज या जानकारी के गलत अथवा भ्रामक पाए जाने पर उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित नियोक्ता की होगी। इसके अलावा सभी प्रतिष्ठानों को अपने नाम-पट्ट के साथ पंजीयन प्रमाणपत्र भी प्रमुखता से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।
संशोधन प्रक्रिया भी हुई आसान
यदि किसी प्रतिष्ठान के नाम, पते, कर्मचारियों की संख्या या व्यवसाय की प्रकृति में बदलाव होता है, तो नियोक्ता केवल 100 रुपये शुल्क जमा कर ऑनलाइन संशोधन आवेदन कर सकेंगे। ऐसे मामलों में भी संशोधित प्रमाणपत्र 24 घंटे के भीतर जारी कर दिया जाएगा।
Ease of Doing Business को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से कागजी कार्यवाही में कमी आएगी, समय की बचत होगी और व्यापारियों को अधिक सुविधाजनक माहौल मिलेगा। यह कदम Ease of Doing Business को मजबूत करने के साथ-साथ उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र में निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा।




