सीजी भास्कर, 17 अप्रैल : छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (सीजीरेरा) ने रियल एस्टेट सेक्टर (CG RERA Action 2026) में बड़ा एक्शन लेते हुए बिना पंजीकरण परियोजना के प्रचार-प्रसार पर सख्त कार्रवाई की है। “डेला रेसकोर्स एंड इंटरनेशनल पोलो क्लब” प्रोजेक्ट पर तत्काल प्रभाव से क्रय-विक्रय और पंजीयन पर अंतरिम रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई सीजीरेरा कार्रवाई के तहत की गई है, जिससे रियल एस्टेट बाजार में हड़कंप मच गया है।
प्राधिकरण द्वारा प्रकरण क्रमांक एसएम-यूआरपी-2026-03599 में जांच के दौरान पाया गया कि नया रायपुर के सेक्टर-37 स्थित लगभग 55 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना के प्रमोटर ने रेरा अधिनियम 2016 की धारा 3 का उल्लंघन किया है। बिना पंजीकरण के ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रोजेक्ट का बड़े स्तर पर प्रचार किया गया और लोगों को बुकिंग के लिए आमंत्रित किया गया। यह पूरी प्रक्रिया अवैध प्रचार (CG RERA Action 2026) के दायरे में पाई गई।
सीजीरेरा की निगरानी के दौरान यह मामला सामने आया, जिसके बाद तुरंत संज्ञान लेते हुए केस दर्ज किया गया। जांच में प्रथम दृष्टया उल्लंघन प्रमाणित होने पर प्राधिकरण ने अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए प्रोजेक्ट से जुड़े सभी भूखंड, मकान और यूनिट्स के क्रय-विक्रय और पंजीयन पर रोक लगा दी। इस कार्रवाई को रेरा उल्लंघन कार्रवाई (CG RERA Action 2026) का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
इसके साथ ही जिला पंजीयक और उप-पंजीयक रायपुर को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस परियोजना से जुड़े किसी भी विक्रय विलेख का पंजीयन अगले आदेश तक न किया जाए। आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्राधिकरण ने आम नागरिकों को भी सतर्क करते हुए सलाह दी है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले उसकी रेरा पंजीकरण स्थिति की जांच जरूर करें। यह कदम निवेशकों को सुरक्षित रखने और धोखाधड़ी रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह पूरा मामला रियल एस्टेट सतर्कता (CG RERA Action 2026) के महत्व को भी उजागर करता है।


