सीजी भास्कर, 13 सितंबर : छत्तीसगढ़ में दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक बनने की योग्यता में बड़ा बदलाव किया गया है। दिव्यांग शिक्षक भर्ती के नए नियम (CG Teacher Recruitment) के तहत अब विशेष शिक्षा से जुड़े पदों के लिए केवल सामान्य बीएड की डिग्री पर्याप्त नहीं होगी। संबंधित दिव्यांगता के क्षेत्र में विशेष बीएड की योग्यता के साथ कई पदों पर पुनर्वास परिषद का जीवित पंजीयन भी अनिवार्य किया गया है।
राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने अलग-अलग पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की है। नए नियमों में दृष्टि बाधित, श्रवण बाधित, बौद्धिक मंदता, बहु दिव्यांगता सहित विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग प्रशिक्षण और शैक्षणिक योग्यता तय की गई है।
दृष्टि बाधित शिक्षक के लिए क्या योग्यता
विशेष शिक्षक दृष्टि बाधित के पद के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री के साथ मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से दृष्टि बाधित विषय में बीएड जरूरी होगा। इसके साथ अभ्यर्थी का पुनर्वास परिषद यानी आरसीआई में जीवित पंजीयन भी अनिवार्य रहेगा।
इसी तरह शिक्षक दृष्टि बाधित और प्रशिक्षित उच्च वर्ग शिक्षक दृष्टि बाधित के पदों के लिए भी स्नातक डिग्री, संबंधित क्षेत्र में विशेष बीएड और आरसीआई का जीवित पंजीयन जरूरी किया गया है। दृष्टि बाधित शिक्षक की योग्यता (CG Teacher Recruitment) में यह शर्त खास तौर पर महत्वपूर्ण है।
हर दिव्यांगता के लिए अलग योग्यता
नए प्रावधानों में श्रवण बाधित शिक्षक के लिए स्नातक डिग्री के साथ श्रवण बाधित विषय में बीएड और आरसीआई का जीवित पंजीयन अनिवार्य किया गया है। वहीं बौद्धिक मंदता से जुड़े शिक्षक पद के लिए स्नातक के साथ बौद्धिक मंदता विषय में बीएड की योग्यता मांगी गई है।
एकीकृत शिक्षक के पद के लिए स्नातक के साथ दृष्टि बाधित अथवा श्रवण बाधित विषय में बीएड और आरसीआई पंजीयन की शर्त रखी गई है। वहीं मोबिलिटी प्रशिक्षक के लिए दृष्टि बाधित अभ्यर्थियों को संबंधित क्षेत्र में डिप्लोमा तथा श्रवण बाधित अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक शिक्षा में स्नातक की योग्यता निर्धारित की गई है।
बहु दिव्यांगता में भी विशेष प्रशिक्षण
प्रशिक्षित शिक्षक बहु दिव्यांग के पद के लिए स्नातक के साथ बौद्धिक मंदता में बीएड तथा ऑटिज्म, श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित अथवा विशेष सीखने की अक्षमता में से किसी एक क्षेत्र में बीएड की योग्यता निर्धारित की गई है।
वहीं प्रशिक्षित शिक्षक बौद्धिक मंदता के लिए स्नातक के साथ बौद्धिक मंदता में बीएड और आरसीआई का जीवित पंजीयन आवश्यक होगा। बहु दिव्यांगता वाले शिक्षक पदों की योग्यता (CG Teacher Recruitment) में भी संबंधित विशेष प्रशिक्षण को अनिवार्य किया गया है। प्रशिक्षित शिक्षक श्रवण बाधित के लिए श्रवण बाधित विषय में बीएड और प्रशिक्षित शिक्षक दृष्टि बाधित के लिए दृष्टि बाधित विषय में बीएड की शर्त रखी गई है।
समाज कल्याण विभाग के पद भी शामिल
समाज कल्याण विभाग से जुड़े प्रशिक्षक, व्यावसायिक शिक्षक और व्यावसायिक प्रशिक्षक के पदों के लिए भी न्यूनतम योग्यता निर्धारित की गई है। इन पदों के लिए 10+2 पद्धति से हायर सेकेंडरी उत्तीर्ण होने के साथ संबंधित ट्रेड में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय, संस्था, पॉलीटेक्निक या आईटीआई से डिग्री अथवा डिप्लोमा की योग्यता मांगी गई है।
मूक-बधिर शिक्षक के लिए कला संकाय में स्नातक और डीएड, जबकि निम्न वर्ग शिक्षक के लिए स्नातक के साथ बौद्धिक मंदता में डीएड की योग्यता निर्धारित की गई है। अस्थि बाधित बाल गृह से जुड़े पद के लिए भी डीएड की योग्यता का प्रावधान है।
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नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी ध्यान दें
संगीतकार के पद के लिए संबंधित विषय में स्नातक स्तर की उपाधि अथवा स्नातक के साथ डीआईडी की उपाधि का प्रावधान रखा गया है। इस तरह नए नियमों में पद के अनुसार सामान्य शैक्षणिक योग्यता के साथ विशेष प्रशिक्षण को भी महत्व दिया गया है।
दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक बनने की योग्यता (CG Teacher Recruitment) में हुए बदलाव के बाद भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को अपने पद की निर्धारित योग्यता, विशेष बीएड और जहां लागू हो वहां आरसीआई के जीवित पंजीयन की स्थिति पहले से जांच लेनी चाहिए। इससे आवेदन के समय योग्यता को लेकर किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकेगा।
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