सीजी भास्कर, 13 सितंबर : छत्तीसगढ़ में 18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थियों के दोपहिया वाहन चलाने पर अब सख्ती बढ़ने वाली है। नाबालिगों के दोपहिया चलाने पर सख्ती (Chhattisgarh Minor Driving) के तहत स्कूलों और कॉलेजों में विशेष जांच अभियान चलाने की तैयारी है। परिवहन विभाग ने संस्थान प्रबंधन को अभिभावकों को सूचना देने और नाबालिग विद्यार्थियों को दोपहिया वाहन चलाने से रोकने के निर्देश दिए हैं।
रायपुर के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने स्कूल और महाविद्यालय संचालकों तथा प्राचार्यों को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने कहा है। विभाग का मानना है कि कम उम्र में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। इसलिए स्कूल स्तर पर निगरानी के साथ अभिभावकों की जिम्मेदारी भी तय करने पर जोर दिया जा रहा है।
बिना लाइसेंस वाहन चलाना पड़ेगा भारी
परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश के कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थी दोपहिया वाहन से स्कूल पहुंचते हैं। इनमें कई विद्यार्थियों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होता। नाबालिग वाहन चालकों पर कार्रवाई (Chhattisgarh Minor Driving) के जरिए विभाग मोटरयान नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाने की तैयारी कर रहा है।
विभाग ने कम उम्र में दोपहिया चलाने को केवल नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया है। ऐसे मामलों में जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
स्कूलों को अभिभावकों को बताना होगा
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने स्कूल और कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिया है कि 18 वर्ष से कम उम्र के विद्यार्थियों के अभिभावकों को दोपहिया वाहन नहीं चलाने के संबंध में आवश्यक रूप से सूचित किया जाए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र में वाहन चलाने से रोकना और अभिभावकों को उनकी जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है।
स्कूल प्रबंधन को विद्यार्थियों के बीच भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर देना होगा। स्कूलों में विशेष जांच अभियान (Chhattisgarh Minor Driving) के दौरान नाबालिग विद्यार्थियों के दोपहिया वाहन से आने-जाने पर निगरानी बढ़ाई जाएगी।
पुलिस और परिवहन विभाग साथ करेंगे निगरानी
परिवहन विभाग की ओर से जारी पत्र की प्रतियां परिवहन आयुक्त, सड़क सुरक्षा से जुड़ी अंतरविभागीय लीड एजेंसी, पुलिस मुख्यालय, कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात, जिला शिक्षा अधिकारी और परिवहन उड़नदस्ता प्रभारी को भी भेजी गई हैं।
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इससे स्पष्ट है कि नाबालिग ड्राइविंग की निगरानी (Chhattisgarh Minor Driving) केवल परिवहन विभाग तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस और शिक्षा विभाग भी इस अभियान में अपनी भूमिका निभाएंगे। स्कूलों के आसपास और विद्यार्थियों के आने-जाने वाले मार्गों पर भी जांच की जा सकती है।
सड़क सुरक्षा पर बढ़ेगी सख्ती
परिवहन विभाग का कहना है कि कम उम्र में दोपहिया वाहन चलाना विद्यार्थी के साथ सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों के लिए भी जोखिम पैदा करता है। इसलिए नियमों के पालन के साथ अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन को भी जिम्मेदारी निभानी होगी।
सड़क सुरक्षा के लिए नाबालिग ड्राइविंग पर रोक (Chhattisgarh Minor Driving) लगाने के उद्देश्य से विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के बाद अब स्कूल-कॉलेज प्रबंधन और अभिभावकों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
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3 सितंबर के आदेश के बाद निर्देश
यह पत्र परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़ के 3 सितंबर 2026 के पत्र के संदर्भ में जारी किया गया है। रायपुर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय ने प्रदेश के संबंधित स्कूल और महाविद्यालयों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने कहा है। आने वाले दिनों में जांच अभियान के दौरान नाबालिग विद्यार्थियों के दोपहिया वाहन चलाने पर विभाग की कार्रवाई कैसी रहती है, इस पर भी नजर रहेगी।
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