सीजी भास्कर, 12 सितंबर : तेलंगाना में चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर प्रक्रिया (SIR List Hyderabad) के बीच कई बड़े नाम सामने आने से हलचल तेज हो गई है। फिल्म, खेल और बिजनेस जगत से जुड़ी नामचीन हस्तियों को एसआईआर नोटिस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें साउथ के सुपरस्टार महेश बाबू, फिल्म निर्देशक एसएस राजामौली, पूर्व क्रिकेटर वीवीएस लक्ष्मण और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल जैसे चर्चित नाम शामिल हैं।
मामला हैदराबाद में चल रही मतदाता सूची के सत्यापन और पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, चुनाव आयोग की सूची में महेश बाबू के साथ उनकी पत्नी नम्रता शिरोडकर, एसएस राजामौली, वेंकटेश दग्गुबाती और उनकी बेटियां, समांथा रुथ प्रभु, विजय देवरकोंडा, आनंद देवरकोंडा, वीवीएस लक्ष्मण, मिताली राज, पुलेला गोपीचंद, साइना नेहवाल, मुरली कृष्ण प्रसाद दिवि और उपासना कोंडिडेला समेत कई नाम शामिल हैं।
फिल्मी सितारों से खिलाड़ियों तक नाम
चुनाव आयोग की ओर से जारी नोटिस (SIR List) केवल फिल्मी हस्तियों तक सीमित नहीं है। सूची में क्रिकेट, बैडमिंटन और अन्य क्षेत्रों से जुड़े चर्चित लोगों के नाम भी सामने आए हैं। यही वजह है कि एसआईआर प्रक्रिया को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
महेश बाबू, एसएस राजामौली, समांथा रुथ प्रभु और विजय देवरकोंडा जैसे फिल्मी चेहरों के अलावा वीवीएस लक्ष्मण, मिताली राज, पुलेला गोपीचंद और साइना नेहवाल जैसे खेल जगत के नाम भी इसमें शामिल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा बिजनेस और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए हैं।
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क्यों भेजा जा रहा है नोटिस
जानकारी के अनुसार, नोटिस जारी होने (SIR List) का संबंध मतदाता सूची में दर्ज जानकारी के सत्यापन से है। कुछ मामलों में मतदाताओं के नाम या उनके माता-पिता के नाम में अंतर पाया गया है। वहीं कुछ रिकॉर्ड पुराने एसआईआर आंकड़ों से मेल नहीं खा पाए हैं।
कुछ मामलों में नोटिस भेजे जाने की वजह स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। ऐसे में संबंधित लोगों को चुनाव आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया जा रहा है।
दस्तावेज देकर करा सकते हैं सत्यापन
चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, जिन लोगों को नोटिस (SIR List) मिला है, वे स्वयं उपस्थित होकर अपने रिकॉर्ड का सत्यापन करा सकते हैं। इसके लिए संबंधित दस्तावेज जमा किए जा सकते हैं और नाम या अन्य जानकारी में किसी तरह की गलती होने पर उसे दुरुस्त कराया जा सकता है।
यदि संबंधित व्यक्ति खुद उपस्थित नहीं हो सकता तो वह अपनी ओर से किसी अन्य व्यक्ति को सुनवाई के लिए अधिकृत कर सकता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी को सही और अद्यतन करना है।
नोटिस का मतलब वोट रद्द नहीं
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चुनाव आयोग का नोटिस मिलना (SIR List) अपने आप में किसी व्यक्ति को मतदान के अधिकार से वंचित किए जाने या उसका मतदाता पंजीकरण रद्द होने का संकेत नहीं है। नोटिस प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति को सत्यापन और अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है।
ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में भी संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। इसलिए केवल नोटिस के आधार पर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से हटाया गया मानना सही नहीं होगा।
वोटर लिस्ट सुधार पर जोर
एसआईआर प्रक्रिया (SIR List) के जरिए चुनाव आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी का सत्यापन और आवश्यक सुधार करना है। नाम, अभिभावक के नाम और पुराने रिकॉर्ड से जुड़े अंतर की जांच इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।
अब जिन चर्चित हस्तियों को नोटिस जारी होने की जानकारी सामने आई है, उनके सत्यापन और दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। फिलहाल नोटिस को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
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