सीजी भास्कर, 12 सितंबर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कांकेर में पदस्थ तहसीलदार माया अंचल लहरे को बड़ी राहत देते हुए उनके निलंबन आदेश (Chhattisgarh High Court) पर रोक लगा दी है। शासन ने 16 जुलाई 2026 को उन्हें निलंबित किया था। मामला रायगढ़ के पुसौर तहसील में सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित बदलाव से जुड़ा है।

सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव का मामला Chhattisgarh High Court
मामला खसरा नंबर 16/2ख से जुड़ा है, जो राजस्व रिकॉर्ड में ‘छोटे झाड़ के जंगल’ मद की सरकारी जमीन दर्ज थी। आरोप है कि 28 अक्टूबर 2020 को तहसीलदार रहते हुए माया अंचल लहरे ने जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव कर आनंद राम का नाम दर्ज करने का आदेश दिया था।
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पहले भी लग चुकी है कार्रवाई पर रोक
इस मामले में राजस्व मंडल बिलासपुर ने 21 अगस्त 2025 को विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की थी। इसके खिलाफ माया अंचल लहरे हाईकोर्ट पहुंचीं, जहां 17 फरवरी 2026 को कोर्ट ने विभागीय जांच के निर्देश पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
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निलंबन पर भी हाईकोर्ट की रोक
10 सितंबर को न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की अदालत में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि जिन आरोपों के आधार पर निलंबन किया गया, उन्हीं पर पहले से हाईकोर्ट की रोक है। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
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