सीजी भास्कर, 29 अगस्त। नेपाल-तिब्बत सीमा पर आई भीषण बाढ़ के बाद छत्तीसगढ़ के दो डॉक्टरों समेत कुछ यात्रियों से संपर्क टूट गया है। अंबिकापुर की डॉ. मीना गुप्ता और बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी लापता बताई जा रही हैं। दोनों कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं। वहीं रायपुर के पांच नागरिकों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है और वे नेपाल से लौट रहे हैं। (Chhattisgarh Doctors Missing in Nepal)
- डॉ. मीना गुप्ता से नहीं हो सका संपर्क : Chhattisgarh Doctors Missing in Nepal
- डॉ. प्रियंका चौधरी से 25 अगस्त को हुई थी आखिरी बात
- मंजू राय चौधरी के सुरक्षित होने की जानकारी : Chhattisgarh Doctors Missing in Nepal
- रायपुर के पांच नागरिक सुरक्षित
- केंद्र सरकार के संपर्क में राज्य सरकार : Chhattisgarh Doctors Missing in Nepal
- नेपाल बाढ़ में कई देशों के नागरिक प्रभावित
डॉ. मीना गुप्ता से नहीं हो सका संपर्क : Chhattisgarh Doctors Missing in Nepal
अंबिकापुर के वरिष्ठ भाजपा नेता करता राम गुप्ता की बेटी डॉ. मीना गुप्ता कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। बाढ़ के दौरान वह इमिग्रेशन सेंटर में मौजूद थीं। बताया गया है कि उनके साथ यात्रा कर रहे करीब 80 अन्य यात्रियों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहा है।
मीना की शुरुआती पढ़ाई अंबिकापुर के होलीक्रॉस स्कूल से हुई है। वह इंग्लैंड में स्किन स्पेशलिस्ट के तौर पर काम करती हैं। बताया गया है कि उन्होंने अपने पिता को भी यात्रा में साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे नहीं जा सके।
डॉ. प्रियंका चौधरी से 25 अगस्त को हुई थी आखिरी बात
बिलासपुर की डॉ. प्रियंका चौधरी से 25 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे उनकी मां की फोन पर बात हुई थी। प्रियंका ने बताया था कि वह चीन एंबेसी के पास इमिग्रेशन प्रक्रिया के लिए जा रही हैं। इसके कुछ देर बाद नेपाल-तिब्बत सीमा पर बाढ़ की खबर सामने आई और उनका संपर्क टूट गया।
परिजनों ने फिनलैंड में रह रहे प्रियंका के पति से भी संपर्क करने की कोशिश की। प्रियंका मानसरोवर यात्रा पूरी करने के बाद काठमांडू से दिल्ली और फिर रक्षाबंधन पर बिलासपुर लौटने वाली थीं।
प्रियंका ने स्कूली शिक्षा बिलासपुर से पूरी की। इसके बाद उन्होंने राजनांदगांव से बीडीएस, यूके से एमडीएस और फिनलैंड से पीएचडी की। वह करीब 10 वर्षों से फिनलैंड में रह रही हैं।

मंजू राय चौधरी के सुरक्षित होने की जानकारी : Chhattisgarh Doctors Missing in Nepal
बिलासपुर की 65 वर्षीय मंजू राय चौधरी भी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं। वह बिलासपुर से अकेले कोलकाता पहुंचीं और 21 अगस्त को 30 लोगों के दल के साथ नेपाल रवाना हुईं। परिजनों से उनकी आखिरी बातचीत 25 अगस्त को हुई थी।
आपदा के बाद संपर्क टूटने पर परिवार ने प्रशासन से मदद मांगी थी। कलेक्टर संजय अग्रवाल के मुताबिक मंजू के सुरक्षित होने की जानकारी मिली है और उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है।
रायपुर के पांच नागरिक सुरक्षित
रायपुर के माना क्षेत्र के दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाशी और दिनेश सिंह ठाकुर के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। पांचों 21 अगस्त को नेपाल गए थे। अब वे नेपाल से रायपुर लौटने के लिए रवाना हो चुके हैं।
मोनिका यादव के लापता होने की सूचना के बाद प्रशासन ने उनके परिजनों से भी संपर्क किया है। संबंधित एजेंसियों से उनकी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
केंद्र सरकार के संपर्क में राज्य सरकार : Chhattisgarh Doctors Missing in Nepal
पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने करता राम गुप्ता से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है। उन्होंने केंद्र सरकार के संपर्क में रहते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। प्रशासन लापता लोगों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों तक अपडेट पहुंचाने में लगा है।
नेपाल बाढ़ में कई देशों के नागरिक प्रभावित
नेपाल में आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में विदेशी नागरिकों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इनमें ट्रेकिंग, टूर और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल पहुंचे लोग शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भारत के 290 नागरिकों समेत कई देशों के लोग लापता बताए गए हैं। राहत और बचाव अभियान के दौरान कई विदेशियों को हेलिकॉप्टर के जरिए सुरक्षित निकाला गया है।



