सीजी भास्कर, 16 जून : छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन मंडल क्षेत्र से एक बेहद हैरान और डराने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल (Chhattisgarh Elephant Viral Video) हो रहा है। इस वीडियो में कुछ ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर हाथियों के झुंड के बेहद करीब पहुंचते और उन्हें पत्थर मारकर उकसाने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। हाथियों के मूवमेंट वाले इलाके में हुई इस गंभीर घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली, गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जान हथेली पर लेकर पेड़ों पर चढ़े लोग
वायरल हो रहे वीडियो में जंगल के बीच चार हाथियों का एक झुंड नजर आ रहा है। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण सुरक्षा घेरे को तोड़कर हाथियों के काफी करीब पहुंच गए। हद तो तब हो गई जब कुछ लोग हाथियों को करीब से देखने और उनका वीडियो (Chhattisgarh Elephant Viral Video) बनाने के लिए पास के ही पेड़ों पर चढ़े हुए दिखाई दिए। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि भीड़ में से कुछ लोग हाथियों की दिशा में पत्थर फेंक रहे हैं, जिससे इन विशालकाय जंगली जानवरों के भड़कने और आक्रामक होने का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
विशेषज्ञों ने जताई बड़े हादसे की आशंका
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, हाथियों जैसे बेहद संवेदनशील और भारी-भरकम जंगली जानवरों के इतने करीब जाना और उन्हें उकसाना सीधे तौर पर मौत को बुलावा देने जैसा है। यदि हाथी अचानक आक्रामक हो जाएं या ग्रामीणों को दौड़ा दें, तो घने जंगल के बीच जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि हाथियों के रास्ते में बाधा डालने या उन पर हमला करने से वे इंसानी बस्तियों के प्रति हिंसक हो जाते हैं, जिससे भविष्य में गंभीर मानव-हाथी द्वंद्व (Human-Elephant Conflict) की आशंका बनी रहती है।
वन विभाग की निगरानी पर उठे सवाल
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद पूरे मरवाही वन मंडल क्षेत्र में वन विभाग की निगरानी और सुरक्षा दावों की पोल खुल गई है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि जब इलाके में हाथियों की मौजूदगी की जानकारी थी, तो वन अमले ने वहां घेराबंदी क्यों नहीं की? ग्रामीणों ने मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों वाले संवेदनशील इलाकों में वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और पेट्रोलिंग (Chhattisgarh Elephant Viral Video) को तुरंत मजबूत किया जाए। साथ ही ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने के लिए लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूक किया जाए, ताकि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या जनहानि को समय रहते रोका जा सके।





