सीजी भास्कर, 06 फरवरी | बिलासपुर/रायपुर। Chhattisgarh Road Accidents ने एक बार फिर प्रदेश को झकझोर दिया है। अलग-अलग स्थानों पर हुए दो सड़क हादसों में कांग्रेस से जुड़े एक युवा नेता समेत कुल तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों घटनाओं ने प्रशासनिक सतर्कता और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कोरबा में शादी की खुशियां बदलीं मातम में
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में (Road Accident in Korba) एनएसयूआई के पूर्व राष्ट्रीय संयोजक और वर्तमान युवा कांग्रेस नेता राहुल राय तथा कारोबारी ढालू अग्रवाल की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष भोला साहू और एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
भटक गया रास्ता, निर्माणाधीन लेन बनी हादसे की वजह
जानकारी के अनुसार, कार बिलासपुर से बालको जा रही थी। भारतमाला नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य के चलते मार्ग स्पष्ट नहीं था। कोरबा में प्रवेश के दौरान चालक रास्ता भटक गया और तेज रफ्तार कार खाईनुमा निर्माणाधीन लेन में उतर गई। वाहन तीन बार पलटा, जिससे उसका ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
शादी समारोह से लौटते वक्त टूटा सफर
बताया जा रहा है कि हादसे से कुछ देर पहले सभी युवक बिलासपुर में एक विवाह समारोह में शामिल हुए थे। वहां से बालको के लिए रवाना होने के बाद यह दुर्घटना हुई। गंभीर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
रायपुर में सरकारी वाहन की टक्कर से छात्र की मौत
दूसरी घटना राजधानी रायपुर की है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मुख्यमंत्री आवास के पास सुबह स्कूल जा रहे ईवी स्कूटर सवार भाई-बहन को तेज रफ्तार सरकारी वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी। (Road Accident in Raipur) इस हादसे में 14 वर्षीय छात्र अंश आठवानी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी बहन गंभीर रूप से घायल हो गई।
चालक फरार, पुलिस तलाश में जुटी
हादसे के बाद सरकारी वाहन का चालक मौके से फरार हो गया। घायल छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वाहन की गति काफी तेज थी और मामले में लापरवाही से वाहन चलाने का केस दर्ज किया गया है। आरोपी चालक की तलाश जारी है।
सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा
लगातार हो रहे (Fatal Road Accidents) ने यह साफ कर दिया है कि तेज रफ्तार, अधूरे हाईवे और लापरवाही अब आम जान के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। इन घटनाओं ने एक बार फिर सख्त ट्रैफिक नियंत्रण और सड़क सुरक्षा उपायों की जरूरत को रेखांकित किया है।




