सीजी भास्कर, 16 जून। प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत शाला प्रवेश उत्सव के साथ हो रही है, लेकिन राज्य के कई स्कूल अब भी बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। दूरस्थ इलाकों के 10 जिलों के 1525 स्कूल ऐसे हैं, जहां पहुंचना शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। कहीं स्कूल भवन जर्जर हैं तो कहीं शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। (Chhattisgarh Schools Infrastructure Crisis)
राजधानी रायपुर से लेकर कांकेर, कबीरधाम, कोरबा और जांजगीर तक कई स्कूलों में तत्काल सुधार की आवश्यकता सामने आई है। कई जगहों पर बच्चे असुरक्षित भवनों में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
बारिश में स्कूल पहुंचना बन जाता है मुश्किल : Chhattisgarh Schools Infrastructure Crisis
कोरबा जिले के उदरदा गांव में प्राथमिक स्कूल तो है, लेकिन मिडिल और हाईस्कूल की पढ़ाई के लिए बच्चों को 7 से 8 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। गांव तक पहुंचने के लिए बच्चों को बम्हनी नदी पार करनी पड़ती है। बारिश के दौरान नदी में तेज बहाव आने से कई दिनों तक बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल नहीं होने के कारण कई बच्चे प्राथमिक शिक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ देते हैं। वहीं, बालोद जिले के 41 गांवों में सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब है और वहां अतिरिक्त कमरों तथा नए भवनों की आवश्यकता है।
जर्जर भवनों में चल रही पढ़ाई
कांकेर जिले के पिपली गांव में प्राथमिक स्कूल का भवन पिछले पांच वर्षों से जर्जर है। यहां 55 छात्र एक छोटे से सामुदायिक भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से नए भवन की मांग की, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
रायपुर के कई स्कूलों में भी स्थिति चिंताजनक है। कुछ स्कूलों की बाउंड्री वॉल गिरने की कगार पर है, जबकि कुछ भवनों पर अन्य गतिविधियों का कब्जा है। कबीरधाम जिले में 80 से अधिक स्कूल भवनों को तत्काल मरम्मत की जरूरत बताई गई है।
12 दिन चलेगा शाला प्रवेश उत्सव अभियान : Chhattisgarh Schools Infrastructure Crisis
प्रदेशभर के सरकारी और निजी स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत के साथ 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों के विद्यालयों में पहुंचकर अभियान में भाग लेने की अपील की है। विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश, मध्यान्ह भोजन और बालिकाओं को सरस्वती साइकिल योजना का लाभ भी दिया जाएगा। साथ ही प्रदेश में 150 नए विवेकानंद विद्यालय शुरू करने की भी योजना है।





