सीजी भास्कर, 19 नवंबर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के चांदनी–बिहारपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नवगई में बुधवार की सुबह हृदयविदारक घटना (Child Drowning Case) घटित होने की खबर से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। यहां एक ही परिवार की दो मासूम बहनों की झुरहा नाले में डूबकर मौत की खबर सुनते ही गांव में चीख-पुकार मच गई, हर किसी की आंखें नम हो उठीं।
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार नवगई निवासी राकेश जायसवाल की 4 वर्षीय पूनम और 3 वर्षीय उर्मिला रोज की तरह आंगनबाड़ी जाने को घर से निकली थीं। घर से थोड़ी दूरी पर बहने वाले झुरहा नाले किनारे लगे अमरूद के पेड़ पर बच्चे अक्सर खेलने जाया करते थे। बुधवार की सुबह भी दोनों बहनें वहीं चली गईं। बताया जाता है कि नाले का किनारा बेहद फिसलन भरा था और पानी का बहाव भी सामान्य से तेज था। अमरूद तोड़ने के दौरान दोनों बच्चियाँ अचानक फिसलकर नाले के गहरे हिस्से में जा गिरीं ।
आसपास कोई मौजूद न होने से उनकी मदद के लिए कोई नहीं पहुंच सका। कुछ देर बाद जब ग्रामीणों ने नाले के पास बच्चों के कपड़े और चप्पल देखे तो शक होने पर तुरंत खोजबीन शुरू की। थोड़ी ही देर में बच्चियों को नाले से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन तब तक वे दम तोड़ चुकी थीं (Surajpur Accident)। मौके पर बुलाए गए स्वास्थ्यकर्मियों ने दोनों के निधन की पुष्टि कर दी।
घटना (Child Drowning Case) की सूचना मिलते ही पूरे गांव पर मातम छा गया। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, और हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है। ग्रामीणों ने बताया कि झुरहा नाले में हर वर्ष बारिश के बाद पानी काफी गहरा हो जाता है, लेकिन यहां न सुरक्षा दीवार है, न चेतावनी बोर्ड और न ही कोई बैरिकेडिंग। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नाले के किनारे तत्काल सुरक्षा इंतजाम किए जाएँ, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न दोहराई जाएं।



