सीजी भास्कर, 2 मई : छत्तीसगढ़ की पंचायतों को सशक्त और विकासोन्मुखी बनाने की मुहिम में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की एक छोटी सी पंचायत ने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। जनपद पंचायत वाड्रफनगर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कछिया ने बाल अधिकारों और उनके कल्याण की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करते हुए छत्तीसगढ़ में कीर्तिमान स्थापित किया है।
95.71 अंकों के साथ प्रदेश में अव्वल
सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण के तहत आयोजित PAI 2.0 सर्वे में ग्राम पंचायत कछिया ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। सर्वे के कुल 9 विषयों में से थीम-3 यानी ‘बाल हितैषी पंचायत’ (Child Friendly Gram Panchayat Kachhiya) श्रेणी में कछिया ने 100 में से 95.71 अंक अर्जित कर पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान हासिल किया है। इस बड़ी सफलता ने पंचायत को राज्य स्तर पर एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित कर दिया है।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने थपथपाई पीठ
इस गौरवशाली उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्राम पंचायत कछिया के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों को बधाई दी है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और जिला प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने भी इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि कछिया का यह जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल अन्य पंचायतों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

सफलता के पीछे का ठोस मंत्र
ग्राम पंचायत कछिया की इस जीत के पीछे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति अटूट समर्पण है। पंचायत ने कई मोर्चों पर काम किया है। शिक्षा और उपस्थिति में पंचायत के स्कूलों में 155 बच्चे पढ़ रहे हैं, जहां शत-प्रतिशत नामांकन और शून्य ड्रापआउट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्वास्थ्य और पोषण में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से एनीमिया मुक्त पंचायत, शत-प्रतिशत टीकाकरण और मातृ-पोषण सुनिश्चित किया गया है। जनप्रतिनिधियों द्वारा स्कूलों का नियमित निरीक्षण और ग्रामसभा में बच्चों के मुद्दों को प्राथमिकता देना (Child Friendly Gram Panchayat Kachhiya) इस उपलब्धि का मुख्य आधार बना।

चुनौतियों को मात देकर पाई मंजिल
शुरुआत में पलायन और जागरूकता की कमी कछिया (Child Friendly Gram Panchayat Kachhiya) के लिए बड़ी बाधा थी। लेकिन पंचायत ने घर-घर संपर्क और अभिभावकों से सीधा संवाद कर इन चुनौतियों को दूर किया। भविष्य के लिए भी पंचायत ने बाल सुरक्षा और स्वच्छता अभियान को स्थायी बनाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की है ताकि विकास की यह गति निरंतर बनी रहे। ग्राम पंचायत कछिया की यह गौरवगाथा साबित करती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो संसाधन की कमी कभी प्रगति का रास्ता नहीं रोक सकती।


