सीजी भास्कर, 2 मई : छत्तीसगढ़ की सियासत में दल-बदल की चर्चाओं ने एक बार फिर सियासी (Political Defection in Chhattisgarh) गलियारों का तापमान बढ़ा दिया है। प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम द्वारा कांग्रेस विधायकों के भाजपा में शामिल होने के दावे के बाद प्रदेश में जुबानी जंग तेज हो गई है। इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिसके बाद कांग्रेस ने भी मंत्री नेताम पर पलटवार करने में देरी नहीं की।
संपर्क में हैं कांग्रेस के कई दिग्गज
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने दावा किया है कि कांग्रेस के कई विधायक और वरिष्ठ नेता वर्तमान में भाजपा के संपर्क में हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ये नेता बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद पाला बदल सकते हैं। नेताम के अनुसार, कांग्रेस के कई सीनियर नेता अपना राजनीतिक भविष्य खतरे में देख रहे हैं, जिसके कारण वे भाजपा में शामिल होने की कतार में खड़े हैं। हालांकि, मंत्री ने फिलहाल किसी भी विधायक के नाम का खुलासा नहीं किया है।
सचिन पायलट का पलटवार
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने मंत्री के इस दावे को पूरी तरह से कोरी बयानबाजी करार दिया है। रायपुर पहुंचे पायलट ने कहा कि भाजपा सरकार जमीन अधिग्रहण और जंगलों की कटाई जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे भ्रामक बयान दे रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के भीतर कोई टूट नहीं है और भाजपा केवल गुमराह करने (Political Defection in Chhattisgarh) का प्रयास कर रही है।
खुद कांग्रेस में आना चाहते हैं नेताम
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने इस मामले में और भी आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रामविचार नेताम खुद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं। शुक्ला ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के भीतर ही भारी गुटबाजी (Political Defection in Chhattisgarh) व्याप्त है, क्योंकि एक कनिष्ठ नेता को मुख्यमंत्री बना दिया गया है। उन्होंने यहां तक दावा किया कि अगर कांग्रेस ने इशारा कर दिया, तो नेताम अपने समर्थकों के साथ भाजपा सरकार ही गिरा देंगे।
वर्तमान विधानसभा की स्थिति
वर्तमान में छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यीय विधानसभा में राजनीतिक समीकरण काफी स्पष्ट हैं। सत्ताधारी भाजपा के पास 55 सीटें हैं, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के पास 34 सीटें हैं। गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पास एक सीट है। हाल ही में आम आदमी पार्टी के कुछ सांसदों के भाजपा में प्रवेश के बाद दल-बदल की इन चर्चाओं को और बल मिला है। दोनों ही दलों के बीच जारी इस वार-पलटवार ने आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावनाओं की ओर इशारा कर दिया है।


