सीजी भास्कर, 13 जुलाई। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक नाबालिग लड़की का विवाह रचाया जा रहा था। घरातियों में खुशी का माहौल था, बारात गांव पहुंच चुकी थी और स्वागत की रस्में चल रही थी, लेकिन इसी बीच एक फोन कॉल ने पूरे खेल को बदल दिया। प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर शादी रुकवाई। पूरा मामला कुरूद थाना क्षेत्र के ग्राम चरमुड़िया का है। (Child marriage prevention)
महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम को जैसे ही बाल विवाह की गुप्त सूचना मिली वे बिना देरी किए मौके पर पहुंची। इस दौरान पता चला कि 17 साल की नाबालिग लड़की का विवाह सिलौटी गांव के 18 साल के नाबालिग लड़के के साथ कराया जा रहा था।

बाल विवाह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ : Child marriage prevention
विभाग की टीम ने मौके पर दोनों परिवारों को बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणामों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से समझाया। काफी जद्दोजहद और समझाइश के बाद आखिरकार ये शादी रुकवाई गई। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कानून को अपने हाथ में न लें। बाल विवाह न केवल गैर कानूनी है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।
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