सीजी भास्कर 25 दिसम्बर CM Sai Tribute to Madan Mohan Malviya : छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भारत रत्न महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महामना का जीवन केवल इतिहास नहीं, बल्कि आज के भारत के लिए मार्गदर्शन है। शिक्षा, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में उनका योगदान आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
शिक्षा को राष्ट्र की रीढ़ बताने वाले महामना
मुख्यमंत्री साय ने महामना मालवीय को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा को राष्ट्र की आत्मा माना। बीएचयू केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ज्ञान और राष्ट्रीय चेतना का संगम है, जिसकी नींव महामना ने अपने दूरदर्शी विचारों से रखी थी।
विचार जो समय से आगे थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि महामना मालवीय के विचार अपने समय से कहीं आगे थे। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक बदलाव का सबसे सशक्त माध्यम माना और समाज को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया। उनका जीवन यह सिखाता है कि मजबूत राष्ट्र की नींव मजबूत शिक्षा व्यवस्था से ही रखी जा सकती है।
समाज सुधार से राष्ट्रीय चेतना तक
सीएम साय ने कहा कि महामना केवल शिक्षाविद् नहीं, बल्कि समाज सुधारक भी थे। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाई और भारतीय समाज को संगठित, जागरूक और आत्मसम्मान से भरपूर बनाने का प्रयास किया। उनके आदर्श आज भी युवाओं और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
आने वाली पीढ़ियों के लिए संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि महामना पंडित मदन मोहन मालवीय के विचार आने वाली पीढ़ियों को निरंतर दिशा देते रहेंगे। एक सशक्त, शिक्षित और समरस भारत के निर्माण के लिए उनके बताए मार्ग पर चलना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जयंती के अवसर पर प्रदेशभर में उन्हें श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया गया।




