सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में तूफान और तेज बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा (Crop Damage) दी है। खेतों में पानी भरने से पककर तैयार धान की फसल जमीन पर गिर गई है। देवभोग और अमलीपदर तहसील में करीब 3 हजार हेक्टेयर की फसल प्रभावित हुई है।

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धान बचाने के लिए किसान कर रहे जतन Crop Damage
सिनापाली, बाड़ीगांव, गिरशुल और झाखरपारा समेत 20 से अधिक गांवों में खेत जलमग्न हैं। सिनापाली में किसान कपड़े की रस्सी से धान के पौधों को बांधकर खड़ा करने में जुटे हैं, ताकि बालियों को सड़ने से बचाया जा सके।
किसानों दुर्बल राम और खिरसिंधु के मुताबिक, जिन पौधों में दाने भर रहे हैं, उन्हें ज्यादा नुकसान होने का खतरा है। फसल तीन दिन से अधिक पानी में डूबी रही तो धान खराब हो सकता है।
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सब्जी उत्पादकों की भी बढ़ी परेशानी
बारिश से मक्का, दलहन और सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। बाजार बंद होने से किसान अपनी उपज नहीं बेच (Crop Damage) पा रहे हैं। कुछ किसान घरों के सामने दुकान लगाकर सब्जियां बेचने को मजबूर हैं।
देवभोग तहसीलदार सुशील कुमार भोई ने बताया कि नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। फसल में 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान होने पर आरबीसी 6-4 के तहत क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। प्रभावित किसानों को इसके लिए आवेदन देना होगा।
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