सीजी भास्कर, 17 अक्टूबर : छत्तीसगढ़ में आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम बदलकर जनजातीय कार्य विभाग किए जाने के फैसले पर सियासत गरमा गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार के निर्णय (Deepak Baij Statement) पर सवाल उठाते हुए इसे आदिवासी समाज की अस्मिता, पहचान और भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि केवल विभाग का नाम बदलने से आदिवासी समाज की स्थिति नहीं बदलेगी। सरकार को शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक विकास जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
यह भी पढ़ें : Vaishali Nagar Development : रिकेश सेन के प्रयासों से खुला खजाना, पानी-सड़कों के लिए 24 करोड़ मंजूर
अस्मिता पर प्रहार का आरोप
दीपक बैज ने कहा कि आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम बदलने का फैसला आदिवासी समाज की पहचान और भावनाओं से जुड़ा है। उनके मुताबिक, ऐसे निर्णय लेने से पहले समाज की सांस्कृतिक पहचान और भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। बैज ने आरोप लगाया कि सरकार इस फैसले के जरिए आदिवासी अस्मिता की अनदेखी कर रही है। उनका बयान (Deepak Baij Statement) अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
यह भी पढ़ें : Chhattisgarh Urban Bodies Notice : विकास कार्यों में लापरवाही पर 40 निकायों को नोटिस, तीन दिन का अल्टीमेटम
संघ की विचारधारा पर सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने नाम बदलने के फैसले को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से भी जोड़कर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संघ की विचारधारा के प्रभाव में निर्णय ले रही है और इससे आदिवासी संस्कृति को नुकसान पहुंच सकता है। ये आरोप दीपक बैज ने लगाए हैं; सरकार का पक्ष उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
यह भी पढ़ें : Women Safety : रायगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा के लिए उतरी मां दुर्गा वाहिनी, गरबा और पंडालों में करेगी गश्त
नाम बदलने से क्या होगा
दीपक बैज ने कहा कि विभाग का नाम बदलने के बजाय आदिवासी समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर जोर दिया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आर्थिक स्थिति में सुधार को प्राथमिकता देने की बात कही। उनके अनुसार, योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस मुद्दे पर उनकी आपत्ति (Deepak Baij Statement) सरकार की नीति को लेकर कांग्रेस के सवालों को सामने लाती है।
यह भी पढ़ें : Spine Care Tips : 30 मिनट बैठने के बाद उठें, मोबाइल आंखों के सामने रखें, रीढ़ को स्वस्थ रखने के 5 तरीके
सियासी बहस तेज
विभाग के नाम परिवर्तन पर कांग्रेस की आपत्ति के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। बैज ने इसे आदिवासी अस्मिता और पहचान से जोड़कर सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, नाम बदलने के पीछे सरकार का आधिकारिक तर्क सामने आने के बाद इस फैसले के उद्देश्य को लेकर तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी। विभाग के नाम में बदलाव (Deepak Baij Statement) को लेकर जारी बहस में अब सरकार की प्रतिक्रिया अहम होगी। फिलहाल कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं और आदिवासी समाज से जुड़े बुनियादी मुद्दों को प्राथमिकता देने की मांग की है।
यह भी पढ़ें : Raipur Scooty Theft Case : स्कूटी से 53 लाख रुपये चोरी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, गीजर और खिलौनों में छिपाई थी रकम



