सीजी भास्कर, 17 अक्टूबर : लंबे समय तक बैठकर काम करना, मोबाइल देखते समय गर्दन झुकाए रखना और गलत तरीके से भारी सामान उठाना रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ा सकता है। छत्तीसगढ़ में भी कम उम्र के लोगों में कमर दर्द और रीढ़ से जुड़ी समस्याओं को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे में रीढ़ की देखभाल (Spine Care Tips) के लिए रोजमर्रा की आदतों में छोटे बदलाव करना जरूरी है। नियमित रूप से चलना, सही मुद्रा में बैठना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना रीढ़ को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।
हर 30 मिनट में उठें
लगातार कई घंटे बैठकर काम करने से बचें। हर 30 मिनट में उठकर थोड़ी देर चलें या शरीर को हल्का खींचें। इससे लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने से राहत मिल सकती है। काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लेना रीढ़ की देखभाल (Spine Care Tips) का आसान तरीका है।
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बैठने का तरीका सुधारें
कुर्सी पर बैठते समय पीठ को सहारा दें और दोनों पैर जमीन पर रखें। कोशिश करें कि कूल्हे, घुटने और कोहनी लगभग 90 डिग्री के कोण पर रहें। कंप्यूटर की स्क्रीन आंखों के स्तर के करीब रखें, ताकि बार-बार आगे झुकना न पड़े।
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मोबाइल आंखों के सामने रखें
मोबाइल देखते समय गर्दन को लगातार नीचे झुकाने से बचें। फोन को आंखों के स्तर के करीब रखें और लंबे समय तक एक ही मुद्रा में उसका इस्तेमाल न करें। बीच-बीच में गर्दन और कंधों को आराम दें। ये आदतें रीढ़ की देखभाल (Spine Care Tips) में मददगार हो सकती हैं।
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भारी सामान सही तरीके से उठाएं
भारी सामान उठाते समय कमर से अचानक झुकने के बजाय घुटनों को मोड़ें। सामान को शरीर के करीब रखें और उठाते समय कमर को घुमाने से बचें। जरूरत से ज्यादा वजन उठाने से भी बचना चाहिए, खासकर जब पहले से कमर दर्द की शिकायत हो।
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नियमित व्यायाम करें
चलना, तैरना और विशेषज्ञ की सलाह से किए जाने वाले व्यायाम पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत रखने में मदद कर सकते हैं। व्यायाम अपनी क्षमता के अनुसार करें और दर्द बढ़ने पर उसे रोक दें। लंबे समय तक दर्द, पैर में सुन्नपन या कमजोरी होने पर डॉक्टर से जांच कराएं।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
कमर से पैर तक तेज दर्द, लगातार झनझनाहट, पैर में कमजोरी या दर्द का लगातार बढ़ना रीढ़ अथवा नसों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। यदि पेशाब या मल पर नियंत्रण में अचानक परेशानी हो या जांघों के बीच सुन्नपन आए, तो तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लें। रीढ़ की देखभाल (Spine Care Tips) का मतलब केवल दर्द होने पर इलाज कराना नहीं, बल्कि रोजमर्रा में सही मुद्रा, नियमित गतिविधि और समय पर चिकित्सकीय सलाह को अपनाना भी है।
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