Dhamtari Municipal Corporation : धमतरी नगर निगम की सभापति इन दिनों अपनी सादगी नहीं, बल्कि मजबूरी के कारण चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पिछले एक सप्ताह से वे सरकारी गाड़ी के अभाव में किराए के ई-रिक्शा से निगम कार्यालय आवागमन कर रही हैं। आधिकारिक वाहन वापस लिए जाने के इस घटनाक्रम ने शहर के सियासी गलियारों में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
सामान्य सभा के बाद अचानक हटा ली गई गाड़ी
सभापति ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सामान्य सभा की बैठक संपन्न होने के ठीक अगले दिन उनसे सरकारी वाहन वापस ले लिया गया। वाहन हटाए जाने के पीछे पहले तकनीकी खराबी का बहाना बनाया गया था, जिसे सभापति ने सिरे से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि वाहन पूरी तरह ठीक था, फिर भी उन्हें ई-रिक्शा का सहारा लेने पर मजबूर किया गया।
विपक्ष ने बताया महिला जनप्रतिनिधि का अपमान
इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष सहित विपक्षी पार्षदों ने निगम प्रशासन और सत्ता पक्ष के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। विपक्ष ने इसे एक महिला जनप्रतिनिधि का सार्वजनिक अपमान करार देते हुए प्रशासन की घोर विफलता बताया है। उन्होंने इस मामले में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की मांग शासन से की है।
महापौर ने तकनीकी और बजट की समस्याओं का दिया हवाला
बढ़ते विवाद के बीच महापौर ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि निगम के कई वाहन वर्तमान में खराब स्थिति में हैं। इसके अतिरिक्त, पेट्रोल और डीजल के भुगतान से जुड़ी कुछ व्यवहारिक समस्याओं के कारण गाड़ियों का संचालन बाधित हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि जो गाड़ियां चलने लायक नहीं हैं, उन्हें प्रक्रिया के तहत हटाया जा रहा है और जल्द ही नए वाहनों की मांग की जाएगी।
निगम की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
वाहन विवाद के कारण नगर निगम धमतरी का माहौल पूरी तरह गरमाया हुआ है। एक तरफ जहां सभापति की ई-रिक्शा यात्रा लोगों के बीच चर्चा का केंद्र बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन की कार्यक्षमता पर भी उंगलियां उठ रही हैं। जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह विवाद उग्र रूप ले सकता है।


