सीजी भास्कर, 06 जुलाई। छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई को रविवार को गनियारी मुक्तिधाम में पूरे राजकीय सम्मान और भावपूर्ण माहौल में अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार के दौरान उनके शिष्यों और प्रशंसकों ने ‘चोला माटी के हे राम, एकर का भरोसा…’ गाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। उनके मंझले बेटे दिलहरण पारधी ने उन्हें मुखाग्नि दी। (Dr Teejan Bai Funeral)
महाभारत की कथाओं को अपनी दमदार आवाज, प्रभावशाली अभिनय और विशिष्ट पंडवानी शैली के माध्यम से विश्वभर में पहचान दिलाने वाली डॉ. तीजन बाई के निधन पर राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जगत की कई हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया। सभी ने इसे छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. तीजन बाई (Dr Teejan Bai Funeral) ने छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई और उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि उनकी पंडवानी सुनते हुए कई पीढ़ियां बड़ी हुई हैं और उनकी दमदार प्रस्तुति हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेगी। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने उन्हें पंडवानी की अमर स्वर साधिका बताते हुए कहा कि उनकी साधना और लोककला के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छात्र जीवन में वह साइकिल से उनकी पंडवानी सुनने जाया करते थे और उनका निधन प्रदेश के लिए बड़ी क्षति (Dr Teejan Bai Funeral) है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति ने अपनी सबसे बुलंद आवाज खो दी है, जबकि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय प्रस्तुति से प्रदेश की लोक परंपरा को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने भी उन्हें छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति की जीवंत संवाहक बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।



