सीजी भास्कर, 06 जुलाई : राजनांदगांव जिले में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए रेलवे ओवरब्रिज पहली ही बारिश में निर्माण गुणवत्ता की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके। डोंगरगढ़-राजनांदगांव मार्ग पर हाल ही में शुरू हुए आलीवारा और बरगा रेलवे ओवरब्रिज पर सड़क धंसने और लंबी दरारें पड़ने से लोगों में भारी नाराजगी है। ओवरब्रिज निर्माण गुणवत्ता (Overbridge Construction Quality) को लेकर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। महज पखवाड़े भर पहले लोकार्पित इन पुलों की स्थिति ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
बरगा ओवरब्रिज पर 70 से 100 मीटर तक दरारें
सबसे गंभीर स्थिति बरगा रेलवे ओवरब्रिज पर सामने आई है। यहां पुल के ऊपर लगभग 70 से 100 मीटर तक लंबी दरारें दिखाई दी हैं। कई स्थानों पर सड़क करीब सात फीट तक धंस गई है, जबकि किनारों की डामर परत भी उखड़ने लगी है। बारिश के बाद दरारें और चौड़ी होने से दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। ओवरब्रिज निर्माण गुणवत्ता (Overbridge Construction Quality) पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि पुल का लोकार्पण कुछ ही दिन पहले किया गया था।
आलीवारा ओवरब्रिज की सड़क भी बह गई
आलीवारा रेलवे ओवरब्रिज की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। यहां ओवरब्रिज पर बनी सड़क कई जगह बह गई है। कुछ स्थानों पर सड़क के नीचे गड्ढे बन गए हैं और किनारों का हिस्सा बैठ गया है। सुरक्षा के मद्देनजर प्रभावित हिस्से को बैरिकेडिंग कर बंद कर दिया गया है। ओवरब्रिज निर्माण गुणवत्ता (Overbridge Construction Quality) को लेकर स्थानीय लोग जिम्मेदार एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने उठाए निर्माण गुणवत्ता पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिन पुलों से वर्षों पुरानी जाम की समस्या समाप्त होने की उम्मीद थी, वे पहली ही बारिश में जवाब देने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि शुरुआत में ही यह स्थिति है तो भविष्य में पुलों की मजबूती को लेकर और बड़ी चिंता पैदा हो सकती है। लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और दोषी अधिकारियों व निर्माण एजेंसी की जवाबदेही तय करने की मांग की है। ओवरब्रिज निर्माण गुणवत्ता (Overbridge Construction Quality) की निष्पक्ष जांच कराने की मांग लगातार तेज हो रही है।
आवागमन प्रभावित, वैकल्पिक मार्ग का सहारा
बारिश के कारण दोनों रेलवे ओवरब्रिज से आवागमन प्रभावित हुआ। कई वाहन चालकों को मजबूरन वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्थिति से अवगत कराते हुए पुलों की तत्काल मरम्मत और गुणवत्ता परीक्षण की मांग की है।
मरम्मत शुरू, तकनीकी जांच के निर्देश
रेलवे और निर्माण एजेंसी की ओर से प्रभावित हिस्सों में मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क धंसने और दरारें आने के कारणों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। हालांकि ओवरब्रिज निर्माण गुणवत्ता (Overbridge Construction Quality) को लेकर उठ रहे सवालों के बीच लोगों की निगाह अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।



